Hariyana Ship Breakers: रेवेन्यू में भारी उछाल के बावजूद कंपनी को तगड़ा झटका, जानें क्या है मामला

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AuthorAditya Rao|Published at:
Hariyana Ship Breakers: रेवेन्यू में भारी उछाल के बावजूद कंपनी को तगड़ा झटका, जानें क्या है मामला

Hariyana Ship Breakers ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का टोटल रेवेन्यू तो बढ़कर **₹17.35 करोड़** हो गया है, लेकिन डूबते हुए कर्ज (Doubtful Loans) के लिए **₹13.19 करोड़** के प्रोविजन ने मुनाफे पर पानी फेर दिया है।

मुनाफे पर क्यों पड़ा असर?

कंपनी का प्रदर्शन ऊपरी तौर पर काफी दमदार दिखा, जहाँ रेवेन्यू पिछले साल के ₹8.40 करोड़ से बढ़कर ₹17.35 करोड़ तक पहुंच गया। हालांकि, Kavya Buildcon Pvt. Ltd. से जुड़े लोन की रिकवरी में विफलता के कारण कंपनी को ₹13.19 करोड़ का भारी प्रोविजन करना पड़ा। इस बड़े झटके की वजह से कंपनी प्री-टैक्स लेवल पर ₹1.87 करोड़ के नुकसान में आ गई है।

निवेशकों के लिए अहम संकेत

लिक्विडिटी और एसेट रिकवरी पर फोकस करते हुए कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड (Dividend) नहीं देने का फैसला किया है। इसके अलावा, ऑडिटर्स ने इन्वेंट्री के भौतिक सत्यापन और ₹140.54 करोड़ के लॉन्ग-टर्म एडवांसेज की रिकवरी पर भी सवाल उठाए हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।

आगे क्या होगा?

कंपनी की मुख्य ऑपरेशंस स्टील मार्केट की अस्थिरता और फॉरेन एक्सचेंज फ्लक्चुएशंस के दायरे में बने हुए हैं। साथ ही, इन्वेंट्री वेरिफिकेशन में कमी के कारण ₹80.61 लाख का राइट-डाउन भी ऑपरेशनल रिस्क को दर्शाता है। अब निवेशकों की नजर मैनेजमेंट द्वारा थर्ड पार्टी से रिकवरी के प्रयासों पर टिकी होगी। आगामी वित्तीय वर्ष की निगरानी के लिए कंपनी ने M/s. Kewlani & Associates को कॉस्ट ऑडिटर नियुक्त किया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.