Hariom Pipe Industries ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। तमिलनाडु प्लांट के दोबारा शुरू होने से कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे में भारी रिकवरी देखने को मिली है, जिससे Q2 FY27 में प्रॉफिट बढ़कर **₹28.52 करोड़** पर पहुंच गया है।
मुनाफे में जोरदार रिकवरी
कंपनी के लिए पिछला कुछ समय चुनौतियों भरा रहा, लेकिन अब रिकवरी साफ दिख रही है। Hariom Pipe Industries का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट इस तिमाही में ₹28.52 करोड़ रहा। यह पिछली तिमाही (Q1 FY27) के ₹17.36 करोड़ और पिछले साल की समान तिमाही के ₹10.42 करोड़ के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़कर ₹554.24 करोड़ हो गया है, जो पिछली तिमाही में ₹429.18 करोड़ था।
तमिलनाडु प्लांट का असर
इस शानदार परफॉर्मेंस के पीछे सबसे बड़ी वजह पेरुंडुरई (Perundurai) प्लांट का दोबारा चालू होना है। अप्रैल 2026 में तमिलनाडु पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (TNPCB) द्वारा कामकाज रोके जाने के बाद कंपनी को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। जुलाई 2026 में पावर सप्लाई बहाल होने और प्रोडक्शन फिर से शुरू होने के बाद मार्जिन में सुधार देखने को मिला है।
नए बदलाव और ग्रीन एनर्जी
मैनेजमेंट ने भविष्य की ग्रोथ पर फोकस बढ़ा दिया है। कंपनी ने राजदीप त्रिपाठी को वाइस प्रेसिडेंट – ह्यूमन रिसोर्सेज के पद पर नियुक्त किया है। साथ ही, कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी Hariom Power and Energy के जरिए महाराष्ट्र में 5 MW का सोलर प्लांट कमीशन किया है। इसके अलावा, जुलाई 2026 में ₹12.86 करोड़ जुटाने के लिए 1.5 मिलियन कनवर्टिबल वारंट्स का अलॉटमेंट भी पूरा किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
आने वाले 18 महीनों में वारंट्स के कन्वर्जन प्रोसेस और तमिलनाडु प्लांट के सुचारू संचालन पर नज़र रखना जरूरी होगा ताकि भविष्य में किसी रेगुलेटरी बाधा का सामना न करना पड़े।
