HPL Electric & Power ने वित्त वर्ष 2026 के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹1,811 करोड़** तक पहुंच गया है, और साथ ही कंपनी ने निवेशकों के लिए **₹1** प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) का ऐलान किया है।
मुनाफे पर क्यों दिखा दबाव?
कंपनी का रेवेन्यू भले ही 6.52% बढ़कर ₹1,811.10 करोड़ रहा और EBITDA 10.52% की ग्रोथ के साथ ₹281.43 करोड़ पर पहुंच गया, लेकिन नेट प्रॉफिट (PAT) में मामूली गिरावट देखी गई। यह ₹91.25 करोड़ रहा (पिछले साल ₹93.99 करोड़ था), जिसका मुख्य कारण कंपनी का बढ़ता डेप्रिसिएशन (Depreciation) है। हालांकि, EBITDA मार्जिन 56 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 15.54% पर पहुंच गया है, जो कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।
सेगमेंट की धमाकेदार परफॉर्मेंस
- Metering, Systems & Services: यह कंपनी का सबसे मजबूत पिलर बना हुआ है, जिसने ₹1,026.43 करोड़ का रेवेन्यू दिया। अच्छी बात यह है कि कंपनी का ₹3,200 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर बुक इसी सेगमेंट से आ रहा है।
- Consumer & Industrial: इस सेगमेंट ने 25.62% की शानदार ग्रोथ दिखाई है और इसका रेवेन्यू ₹784.67 करोड़ रहा है। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इसकी हिस्सेदारी अब 43% हो गई है।
निवेशकों के लिए जरूरी तारीखें
कंपनी ने ₹1 प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा की है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 17 सितंबर, 2026 तय की गई है, जबकि 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 24 सितंबर, 2026 को आयोजित होगी।
आगे की राह
निवेशकों को कंपनी के वर्किंग कैपिटल साइकिल पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यूटिलिटी प्रोजेक्ट्स के कारण यह काफी डिमांडिंग रहता है। फिलहाल, मैनेजमेंट का पूरा ध्यान 'Revamped Distribution Sector Scheme' (RDSS) और स्मार्ट मीटरिंग पर है, जो आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ को गति दे सकते हैं।
