HMT Ltd ने अपनी 73वीं एनुअल रिपोर्ट पेश की है। कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर **₹16.69 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि कंसोलिडेटेड स्तर पर **₹128.94 करोड़** का घाटा हुआ है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
HMT Limited की तरफ से जारी की गई ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर पिछले साल के ₹16.10 करोड़ के मुकाबले इस बार ₹16.69 करोड़ का मुनाफा कमाया है। हालांकि, कंसोलिडेटेड लेवल पर कंपनी अभी भी घाटे में है, जिसे घटाकर ₹128.94 करोड़ (पिछले साल ₹140.06 करोड़) तक लाने में कंपनी कामयाब रही है। इस बार शेयरहोल्डर्स के लिए किसी भी तरह के डिविडेंड का ऐलान नहीं किया गया है।
ऑडिटर की चिंता और ऑर्डर्स
कंपनी के मशीन टूल्स सेगमेंट के पास अभी भी अच्छे ऑर्डर्स हैं। इसमें Odisha Skill Development Authority, BARC (भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र) और HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। लेकिन, इन सबके बीच इंडिपेंडेंट ऑडिटर ने कंपनी के इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स, इन्वेंट्री वैल्युएशन और GST रिकॉन्सिलिएशन को लेकर सवाल खड़े किए हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कंपनी ने अपनी लीडरशिप टीम में भी बड़े फेरबदल किए हैं। मार्च 2026 में श्री एन. रमेश कुमार ने चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (अतिरिक्त प्रभार) की जिम्मेदारी संभाली। साथ ही, बोर्ड में नए डायरेक्टर्स को भी शामिल किया गया है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी ऑडिटर द्वारा उठाए गए सवालों का समाधान कैसे करती है और अपनी सब्सिडियरी, HMT इंटरनेशनल के प्रदर्शन को कैसे आगे ले जाती है, जिसका टर्नओवर बढ़कर ₹50.39 करोड़ हो गया है।
