HLE Glascoat ने FY26 के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **31.7%** बढ़कर **₹1,353 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन दूसरी तरफ नेट प्रॉफिट **₹61.8 करोड़** से घटकर **₹56.6 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे में क्यों आई कमी?
कंपनी की टॉप-लाइन ग्रोथ काफी मजबूत रही है, जिसका बड़ा श्रेय Omeras GmbH और OmeraStore GmbH के इंटीग्रेशन को जाता है। इन कंपनियों ने अकेले ₹89.5 करोड़ का रेवेन्यू योगदान दिया है। हालांकि, इतने मजबूत सेल्स के बावजूद EBITDA मार्जिन 11% पर सिमट गया है। इसके पीछे मुख्य कारण बिजनेस इंटीग्रेशन की लागत और मार्केट की अस्थिरता है, जिसने कंपनी के नेट प्रॉफिट पर दबाव बनाया है।
कंपनी का डिविडेंड और आगे की रणनीति
बोर्ड ने निवेशकों के लिए ₹1.10 प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी अब अपना ध्यान इंटरनेशनल मार्केट पर शिफ्ट कर रही है, जिसके लिए Luxembourg में 'HLE International S.à r.l.' की स्थापना की गई है।
ऑर्डर बुक का हाल
निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत यह है कि कंपनी के पास ₹681.6 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक मौजूद है। मैनेजमेंट के अनुसार, भारत में उनके पास 4 महीने और इंटरनेशनल मार्केट में 10 महीने की विजिबिलिटी है। अब निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी कितनी तेजी से इन ऑर्डर्स को रेवेन्यू में बदल पाती है।
