H.G. Infra Engineering ने ओडिशा में अपने सिक्स-लेन हाईवे प्रोजेक्ट के लिए फाइनेंशियल क्लोजर हासिल कर लिया है। हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत फंड का इंतजाम होते ही अब कंपनी प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए तैयार है।
प्रोजेक्ट के लिए फंड का इंतजाम
H.G. Infra Engineering लिमिटेड ने अपनी सब्सिडियरी, H.G. Gobindpur Tangi Highway प्राइवेट लिमिटेड के लिए फाइनेंशियल क्लोजर की प्रक्रिया पूरी कर ली है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है, जो 16 सितंबर, 2026 से प्रभावी है। इस कदम के साथ ही कंपनी अब प्लानिंग फेज से निकलकर कंस्ट्रक्शन के काम में पूरी ताकत झोंक देगी।
क्यों अहम है यह कदम?
हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत काम करने वाली कंपनियों के लिए 'फाइनेंशियल क्लोजर' सबसे अहम पड़ाव होता है। इसका मतलब है कि प्रोजेक्ट के लिए जरूरी कर्ज (Debt) और इक्विटी (Equity) का इंतजाम हो चुका है। इससे कंपनी का कैपिटल रिस्क काफी कम हो गया है। 40.33 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को बनाने के लिए कंपनी को 910 दिनों का समय मिला है।
प्रोजेक्ट की डिटेल
यह प्रोजेक्ट 'कैपिटल रीजन रिंग रोड पैकेज-III' का हिस्सा है, जो ओडिशा में गोबिंदपुर (NH-55) को टांगी (NH-16) से जोड़ेगा। कुल ₹1,582.11 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से कंपनी के ऑर्डर बुक में अच्छी खासी मजबूती आएगी।
निवेशकों के लिए संकेत
आने वाले समय में निवेशकों की नजर अब इस बात पर होनी चाहिए कि निर्माण कार्य कितनी तेजी से आगे बढ़ता है। प्रोजेक्ट का समय पर पूरा होना कंपनी की रेवेन्यू और कैश फ्लो (Cash Flow) की स्थिति को और बेहतर बनाएगा।
