HFCL लिमिटेड **400 करोड़** रुपये के बड़े निवेश के साथ अपनी ऑप्टिकल फाइबर और केबल बनाने की क्षमता का विस्तार करने जा रही है। यह विस्तार **2028** तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसका मुख्य मकसद एक्सपोर्ट बढ़ाना और 5G व AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को पूरा करना है।
HFCL का बड़ा दांव: ₹400 करोड़ का कैपिटल आउटले मंजूर
टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की जानी-मानी कंपनी HFCL लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने एक अहम फैसला लिया है। कंपनी अपनी ऑप्टिकल फाइबर (OF) और ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बनाने की क्षमता को बढ़ाने के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये का कैपिटल आउटले (Capital Outlay) मंजूर कर चुका है। इस महत्वाकांक्षी विस्तार योजना को जुलाई 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्यों हो रहा है यह विस्तार?
इस रणनीतिक निवेश का सीधा मकसद HFCL के एक्सपोर्ट बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। साथ ही, कंपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) को भी बेहतर बनाना चाहती है और इकोनॉमी ऑफ स्केल (Economies of Scale) का फायदा उठाना चाहती है। यह कदम AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स, 5G नेटवर्क और फाइबर-टू-द-होम (FTTH) जैसे सेक्टरों से आने वाली लंबी अवधि की ग्लोबल डिमांड को भुनाने के लिए उठाया जा रहा है।
क्या होंगे बदलाव?
इस विस्तार के बाद, कंपनी की ऑप्टिकल फाइबर बनाने की क्षमता मौजूदा 28.00 मिलियन फाईबर किलोमीटर प्रति वर्ष (Mn fkm p.a.) से बढ़कर 38.50 Mn fkm p.a. हो जाएगी। वहीं, ऑप्टिकल फाइबर केबल की क्षमता 34.00 Mn fkm p.a. से बढ़कर 56.36 Mn fkm p.a. तक पहुंच जाएगी। यह बदलाव जुलाई 2028 के बाद देखने को मिलेंगे।
जोखिमों पर भी नजर
हालांकि, यह एक बड़ा विस्तार प्रोजेक्ट है, जिसमें कुछ जोखिम भी शामिल हैं। कंपनी को इस मल्टी-ईयर कैपिटल प्रोजेक्ट के सफल एग्जीक्यूशन (Execution) पर नजर रखनी होगी। इसके अलावा, कंपनी की फंडिंग में कर्ज (Debt) भी शामिल है, इसलिए निवेशकों को कंपनी के डेट-इक्विटी मिक्स (Debt-Equity Mix) और इंटरेस्ट कवरेज रेशियो (Interest Coverage Ratio) पर भी बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब इस कैपेसिटी एक्सपेंशन की प्रगति, कंपनी के ऑर्डर बुक के विकास और उसके फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर खास ध्यान देना होगा, खासकर कर्ज के स्तर और ब्याज खर्चों पर।
