CARE Ratings ने HBL Engineering की रेटिंग को 'CARE A+; Positive' से अपग्रेड कर 'CARE AA-; Stable' कर दिया है। कंपनी ने FY26 में **₹3,326.41 करोड़** का तगड़ा रेवेन्यू दर्ज किया है, जिसका मुख्य कारण 'कवच' (Kavach) जैसे रेलवे प्रोजेक्ट्स रहे।
क्या है रेटिंग अपग्रेड की वजह?
CARE Ratings ने कंपनी के बदलते बिजनेस मॉडल पर मुहर लगाई है। HBL Engineering अब पारंपरिक बैटरी मैन्युफैक्चरिंग से निकलकर हाई-मार्जिन वाले रेलवे इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस में लीडर बनकर उभरी है। कंपनी ने अपने लॉन्ग-टर्म लोन का पूरा भुगतान कर दिया है, जिससे कर्ज का दबाव काफी कम हो गया है।
आंकड़ों में दम
कंपनी की फाइनेंशियल ग्रोथ जबरदस्त रही है:
- FY26 रेवेन्यू: ₹3,326.41 करोड़ (FY25 में यह ₹1,977.63 करोड़ था)।
- इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट: रेवेन्यू ₹298.38 करोड़ से उछलकर ₹1,626.25 करोड़ पर पहुंच गया।
- PAT मार्जिन: 24.49% पर पहुंच गया है, जो कंपनी की बेहतर कार्यक्षमता को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
कंपनी के पास ₹5,902 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक है, जो भविष्य के लिए रेवेन्यू की स्पष्ट तस्वीर पेश करती है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि 'कवच' जैसे प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन रेलवे के पास लोकोमोटिव्स की उपलब्धता पर निर्भर करता है, जो कंपनी के सीधे नियंत्रण में नहीं है। कंपनी का गियरिंग रेशियो महज 0.03x है, जो एक सुरक्षित फाइनेंशियल स्थिति की ओर इशारा करता है।
