HBL Engineering ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए शानदार नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹814 करोड़** के पार पहुंच गया है, वहीं रिवेन्यू में भी जोरदार बढ़त देखी गई है। कवच (Kavach) रेल प्रोजेक्ट्स और बैटरी सेगमेंट की जबरदस्त मांग के दम पर कंपनी ने निवेशकों के लिए **₹1** प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा भी की है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने अपने ऑडिटेड नतीजों में दिखाया है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में ग्रोथ की रफ्तार काफी तेज रही है। कंपनी का रिवेन्यू पिछले साल के ₹1,967.20 करोड़ से बढ़कर ₹3,302.83 करोड़ हो गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी बड़ा उछाल आया है, जो ₹276.92 करोड़ से जंप मारकर ₹814.89 करोड़ पर पहुंच गया है। निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह है कि साल का कुल पे-आउट अब ₹3 प्रति शेयर हो गया है।
बिजनेस की ताकत
कंपनी की इस सफलता के पीछे सबसे बड़ी वजह 'कवच' रेल सिग्नलिंग प्रोजेक्ट्स हैं, जो कुल सालाना बिक्री का करीब 50% हिस्सा है। इसके अलावा, डेटा सेंटर पावर बैकअप और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेगमेंट्स से कंपनी को आगे भी अच्छी विजिबिलिटी मिल रही है।
नई योजनाओं का विस्तार
HBL ने Cochin Shipyard के साथ मिलकर 'Green Maritime Propulsion' नाम से एक जॉइंट वेंचर शुरू किया है। इसके अलावा, तेलंगाना में डिफेंस प्रोडक्शन पर कंपनी खास जोर दे रही है, जहां 2027 तक नई मंजूरी मिलने की उम्मीद है। डेटा सेंटर ऑपरेटर्स जैसे NTT और Reliance के बढ़ते ऑर्डर्स को पूरा करने के लिए कंपनी अपनी बैटरी प्रोडक्शन कैपेसिटी को दोगुना कर रही है।
जोखिम और सतर्कता
मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2029 से रेल सिग्नलिंग सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा बढ़ने और मार्जिन पर दबाव आने की आशंका जताई है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक व्हीकल ड्राइवट्रेन प्रोजेक्ट्स का भविष्य सप्लाई चेन और सर्टिफिकेशन टाइमलाइन पर निर्भर करेगा। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक ₹5,000 करोड़ का रिवेन्यू हासिल करना है, जिसके लिए डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स का समय पर निष्पादन बेहद अहम होगा।
