Gulf Lloyds (India) Ltd का नेट प्रॉफिट फाइनेंशियल ईयर 2026 में घटकर **₹3.85 करोड़** रहा है, जबकि पिछले साल यह **₹4.77 करोड़** था। कंपनी ने हाल ही में अपना IPO पूरा कर BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग भी की है।
मुनाफे पर दबाव के कारण
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपनी 12वीं एनुअल रिपोर्ट जारी की है। डेटा के मुताबिक, कंपनी का स्टैंडअलोन टर्नओवर पिछले साल के ₹35.60 करोड़ से घटकर ₹34.17 करोड़ रह गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितता और सप्लाई चेन में बाधाओं के चलते नतीजों पर असर पड़ा है।
IPO और विस्तार की रणनीति
नतीजों में नरमी के बावजूद, कंपनी ने कॉर्पोरेट मोर्चे पर बड़े कदम उठाए हैं। जुलाई 2026 में ₹100 प्रति शेयर के भाव पर IPO लाने के बाद कंपनी BSE SME पर लिस्ट हुई। इसके साथ ही, मई 2025 में कंपनी ने 49 लाख शेयरों का बोनस इश्यू भी जारी किया था।
नई खरीदारी और गवर्नेंस
विस्तार की रणनीति के तहत, कंपनी ने 18 अगस्त 2025 को Gulf Lloyds Testing & Training Services Pvt Ltd में 98.5% हिस्सेदारी खरीदी है। इस नई सब्सिडियरी ने साल के अंत तक ₹1.50 करोड़ का टर्नओवर और ₹0.29 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
बोर्ड लेवल पर भी बड़े बदलाव हुए हैं, जहां मिस्टर ओम प्रकाश वर्मा को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। निवेशकों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए कोई डिविडेंड देने का ऐलान नहीं किया है।
