GMDC ने FY26 के लिए शानदार नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट बढ़कर **₹990.81 करोड़** पर पहुंच गया है। इस मजबूती के पीछे मुख्य वजह GST से मिला वन-टाइम गेन है। इसके साथ ही, निवेशकों के लिए **₹9.50 प्रति शेयर** के डिविडेंड की भी घोषणा की गई है।
मुनाफे की इनसाइड स्टोरी
Gujarat Mineral Development Corporation (GMDC) ने अपनी 63वीं एनुअल रिपोर्ट जारी की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹681.92 करोड़ से बढ़कर ₹990.81 करोड़ हो गया है। हालांकि, कंपनी की कोर ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹2,653.38 करोड़ रही, जो पिछले साल के मुकाबले दबाव में दिखी। प्रॉफिट में इस बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा लिग्नाइट पर GST रेशनलाइजेशन से मिले ₹522.65 करोड़ के एक्सेप्शनल ITC गेन के कारण आया है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹9.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है। साथ ही, कंपनी का बेसिक EPS पिछले साल के ₹21.44 से बढ़कर ₹31.16 पर पहुंच गया है, जो शेयरहोल्डर्स के लिए अच्छी खबर है। भविष्य की ओर देखें तो कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को 8 MTPA से बढ़ाकर 10 MTPA करने की तैयारी में है।
भविष्य की योजनाएं और प्रोजेक्ट्स
GMDC अब अपने पारंपरिक लिग्नाइट माइनिंग कारोबार से आगे बढ़कर डाइवर्सिफिकेशन पर जोर दे रही है। कंपनी 'अंबाजी कॉपर प्रोजेक्ट' और 'अंबाडूंगर रेयर अर्थ एलिमेंट्स' प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रही है। इसके अलावा, 'अंडरग्राउंड कोल गैसीफिकेशन' (UCG) और LTPS पावर स्टेशन का टर्नअराउंड कंपनी की आने वाली कमाई का मुख्य आधार बनने वाले हैं।
रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों को कुछ जरूरी बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- बोर्ड कंपोजिशन: कंपनी फिलहाल स्टॉक एक्सचेंज के नियमों के तहत अनिवार्य 50% इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के मानदंड को पूरा नहीं कर पा रही है।
- ऑपरेटिंग मार्जिन: EBITDA का ₹992 करोड़ से घटकर ₹899 करोड़ होना बताता है कि कोर मार्जिन पर दबाव है।
- रेगुलेटरी जुर्माना: प्रक्रियात्मक देरी के लिए कंपनी पर ₹59,000 का मामूली जुर्माना भी लगा है।
