Greaves Cotton के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी के बोर्ड ने ₹2 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। FY26 के लिए, कंपनी ने **₹2,365 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल से **18.9%** ज़्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) **7.5%** बढ़कर **₹200 करोड़** हो गया। यह सब कंपनी की 'Greaves.Next' स्ट्रेटेजी में प्रगति को दिखाता है।
₹2 डिविडेंड और मजबूत नतीजे: Greaves Cotton की फाइनेंशियल सेहत में सुधार
Greaves Cotton के मैनेजमेंट ने शेयरधारकों को ₹2 प्रति इक्विटी शेयर (यानी 100%) डिविडेंड देने की सिफारिश की है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने स्टैंडअलोन रेवेन्यू को ₹2,365 करोड़ बताया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹1,988 करोड़ के मुकाबले 18.9% की बढ़ोतरी है। टैक्स के बाद प्रॉफिट (PAT) बढ़कर ₹200 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹186 करोड़ था। यानी, PAT में 7.5% की वृद्धि दर्ज की गई। इसी के साथ, कंपनी का प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹8.00 से बढ़कर ₹8.59 हो गया है।
नतीजों से क्या उम्मीदें?
कंपनी के नतीजे 'Greaves.Next' नाम की 5-साल की स्ट्रेटेजी की कामयाबी की ओर इशारा करते हैं। इस स्ट्रेटेजी का मकसद कंपनी को ईंधन-निरपेक्ष (fuel-agnostic) इंजीनियरिंग कंपनी बनाना है। बढ़त वाला डिविडेंड शेयरधारकों के विश्वास को दर्शाता है और यह भविष्य के प्रदर्शन का संकेत भी है। रेवेन्यू और मुनाफे में यह उछाल कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्केट में बढ़ती पकड़ को दिखाता है।
कंपनी का नया रूप
Greaves Cotton अपने बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव कर रही है। कंपनी अपनी सब्सिडियरी कंपनियों में निवेश बढ़ा रही है और पारंपरिक इंजनों से आगे बढ़कर नए प्रोडक्ट्स पेश कर रही है। अब कंपनी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Greaves Electric Mobility - GEML) और फाइनेंशियल सर्विसेज (Greaves Finance - GFL) पर खास ध्यान दे रही है।
भविष्य की राह
हाल ही में, कंपनी ने Excel Controlinkage में अपनी हिस्सेदारी 10% और बढ़ाकर 80% कर ली है। इसके अलावा, Greaves Finance Limited में लगभग ₹22 करोड़ के निवेश को भी मंजूरी दी गई है। Greaves Electric Mobility (GEML) ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 49% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है, जिससे FY26 में कंपनी का मार्केट शेयर 4.3% तक पहुंच गया। Greaves Finance ने भी प्रॉफिट कमाना शुरू कर दिया है और उसका AUM (Assets Under Management) ₹500 करोड़ तक पहुंच गया है। एनर्जी सॉल्यूशंस बिजनेस में भी 20% की सालाना ग्रोथ देखी गई है।
किन जोखिमों पर नज़र रखें?
दुनिया भर के आर्थिक हालात, जैसे कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव, एनर्जी मार्केट को प्रभावित कर रहे हैं और इनपुट कॉस्ट बढ़ा रहे हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $120/बैरल के पार जा चुकी हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट के लिए एक बड़ी चिंता यह है कि सरकार की FAME II / PM E-Drive जैसी सब्सिडी जुलाई 2026 के बाद बंद हो सकती हैं। इससे ₹1 लाख से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों के मार्केट में कंपनी की कॉम्पिटिटिवनेस पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक इस बात पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि सब्सिडी में बदलाव Greaves Electric Mobility की बिक्री को कैसे प्रभावित करते हैं। साथ ही, इनपुट कॉस्ट बढ़ने के बावजूद कंपनी अपनी मार्जिन सुधार को बनाए रख पाती है या नहीं, यह भी देखना अहम होगा। कंपनी अपने नए अधिग्रहण और बिजनेस से रेवेन्यू बढ़ाने में कितनी कामयाब होती है, इस पर भी नजरें रहेंगी।
