Gravita India ने फाइनेंशियल ईयर **2026** के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) **21%** उछलकर **₹379 करोड़** पर पहुंच गया है। कंपनी ने अब लेड (Lead) के अलावा कॉपर कारोबार में बड़ी छलांग लगाई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी की ग्रोथ में तेजी बरकरार है। इस फाइनेंशियल ईयर में Gravita India का नेट प्रॉफिट ₹379 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹313 करोड़ था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी 10% की बढ़त के साथ ₹4,265 करोड़ दर्ज किया गया है। कंपनी की 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग 28 सितंबर, 2026 को आयोजित की जाएगी।
कॉपर और EV सेक्टर में बड़ा दांव
यह नतीजे कंपनी की रणनीति में बड़े बदलाव को दर्शाते हैं। Gravita अब सिर्फ लेड रीसाइकिलिंग तक सीमित नहीं है। कंपनी ने ₹559 करोड़ में Rashtriya Metal Industries Limited (RMIL) में 98.95% हिस्सेदारी खरीदकर कॉपर और कॉपर अलॉय मार्केट में अपनी धाक जमा ली है, जो EV और एनर्जी ट्रांजिशन के लिए बहुत अहम है।
ऑपरेशनल अपडेट्स
- Lithium-ion Expansion: मुंद्रा (Mundra) फैसिलिटी में 6,000 MTPA क्षमता का नया रीसाइकिलिंग प्लांट शुरू किया गया है।
- ग्लोबल प्रेजेंस: कंपनी के पास अब भारत, अफ्रीका, एशिया और यूरोप में कुल 14 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं।
- कैपेसिटी: कंपनी की स्क्रैप कलेक्शन क्षमता 3.30 लाख मीट्रिक टन है, जिसके लिए 2,200 से ज्यादा प्रोक्योरमेंट टचप्वाइंट्स काम कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी और रिस्क
- ऑडिट रिपोर्ट: ऑडिटर्स ने कंपनी के अकाउंटिंग और एम्प्लॉई रिकॉर्ड्स के लिए इस्तेमाल होने वाले थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर के 'ऑडिट ट्रेल' फीचर्स पर 'Qualified Opinion' दिया है। हालांकि मैनेजमेंट इसे मामूली मानता है, लेकिन निवेशक इसे गवर्नेंस के नजरिए से देख सकते हैं।
- कमोडिटी रिस्क: LME (London Metal Exchange) पर कमोडिटी की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव कंपनी के मार्जिन पर असर डाल सकता है।
बोर्ड में बदलाव
कंपनी ने मार्च 2026 में मिस्टर भूपेंद्र कुमार डाक को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है, जो सतीश कुमार अग्रवाल के इस्तीफे के बाद यह पद संभालेंगे।
