Gratex Industries ने वितीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में **14%** की बढ़त देखी गई है, जो **₹4.27 करोड़** तक पहुंच गया है। हालांकि, यह वृद्धि मुख्य रूप से एक संबंधित पक्ष (Related Party) पर अत्यधिक निर्भरता के चलते आई है, जो **99.93%** रेवेन्यू का स्रोत है।
क्या हुए कंपनी के नतीजे?
Gratex Industries ने वितीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹4.27 करोड़ का कुल रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले वितीय वर्ष के ₹3.75 करोड़ से 14% अधिक है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) भी ₹0.07 करोड़ से बढ़कर ₹0.11 करोड़ हो गया है। इस ग्रोथ का मुख्य कारण डिजिटल प्रिंटिंग (Digital Printing) सेल्स में आई ₹2.29 करोड़ की तेज़ी और कैटलॉग (Catalogue) बिक्री से ₹0.59 करोड़ का कलेक्शन है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
कंपनी अब अपने शेयरधारकों (Shareholders) से अगले तीन वितीय वर्षों (2027-28 से 2029-30) के लिए Marshalls Enterprises India Private Limited (MEIPL) के साथ महत्वपूर्ण संबंधित पक्ष लेनदेन (Material Related Party Transactions) के लिए मंजूरी मांगने वाली है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Gratex Industries का लगभग सारा रेवेन्यू, यानी 99.93%, MEIPL से होने वाले लेनदेन से आता है। MEIPL के साथ कंपनी के डायरेक्टर्स (Directors) और शेयरहोल्डर्स भी साझा हैं। ऑडिटर (Auditor) ने भी इस निर्भरता को लेकर चिंता जताई है।
क्या है पुराना इतिहास?
इस वितीय वर्ष के दौरान, Gratex Industries ने अपने एम.एफ.पी. (MFP - Modular Furniture & Profile) सेगमेंट को बंद कर दिया है, जिससे पिछले साल ₹0.47 करोड़ की बिक्री होती थी। अपनी प्रिंटिंग क्षमताओं को मज़बूत करने के लिए, कंपनी ने जनवरी 2026 में एक नई 10-कलर डिजिटल प्रिंटिंग मशीन (10-color digital printing machine) भी खरीदी है।
आगे क्या होगा?
आगामी 42वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों को MEIPL के साथ होने वाले लेन-देन से संबंधित प्रस्तावों पर वोट करना होगा। इन प्रस्तावों के तहत वितीय वर्ष 2027-28 के लिए ₹12 करोड़ की बिक्री और ₹4 करोड़ की खरीद, 2028-29 के लिए ₹14 करोड़ की बिक्री और ₹5 करोड़ की खरीद, और 2029-30 के लिए ₹16 करोड़ की बिक्री और ₹6 करोड़ की खरीद को मंजूरी दी जाएगी।
किन जोखिमों पर नज़र रखें?
सबसे बड़ा जोखिम MEIPL पर 99.93% की अत्यधिक रेवेन्यू निर्भरता है। इसके अलावा, सब्सट्रेट लागत (substrate costs) में उतार-चढ़ाव, करेंसी में बदलाव और प्रतिस्पर्धा (competition) के कारण मार्जिन पर दबाव का खतरा भी है। साथ ही, ऑडिटर ने यह भी पाया है कि फिक्स्ड एसेट (Fixed Asset) और इन्वेंटरी (Inventory) के रिकॉर्ड ऐसे सॉफ्टवेयर पर रखे जा रहे थे जिनमें ऑडिट ट्रेल (Audit trail) की सुविधा नहीं थी।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को ए.जी.एम. (AGM) के नतीजों पर नज़र रखनी चाहिए, खासकर संबंधित पक्ष के लेन-देन को लेकर। कंपनी फ्रेंकफर्ट (Frankfurt) में एक प्रदर्शनी के बाद निर्यात बाज़ारों (export markets) की तलाश भी कर रही है, और वितीय वर्ष 2026-27 के लिए टर्नओवर (turnover) में 25% की वृद्धि का लक्ष्य भी महत्वपूर्ण है।
