Grasim का बड़ा दांव, भारती एयरटेल को टैक्स राहत, KNR और RVNL को मिले नए आर्डर!

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Grasim का बड़ा दांव, भारती एयरटेल को टैक्स राहत, KNR और RVNL को मिले नए आर्डर!

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Grasim Industries Lyocell क्षमता बढ़ाने के लिए **₹3,094 करोड़** का निवेश कर रही है। वहीं, भारती एयरटेल की सहायक कंपनी के पक्ष में **₹473.7 करोड़** के टैक्स विवाद का फैसला आया है। इसके अलावा KNR Constructions और RVNL को नए प्रोजेक्ट्स मिले हैं।

बाजार की बड़ी खबरें: ग्रासिम का कैपेक्स, भारती को टैक्स में जीत, इंफ्रा कंपनियों को ऑर्डर

Grasim Industries अपनी Lyocell मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए ₹3,094 करोड़ का बड़ा निवेश करने जा रही है। दूसरी ओर, भारती एयरटेल की सहायक कंपनी, भारती हेक्साकॉम को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने ₹8,414 करोड़ के डिमांड नोटिस को खारिज कर दिया है, जिसमें ₹473.7 करोड़ का वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज (OTSC) भी शामिल था।

इसके अलावा, कई इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों ने नए प्रोजेक्ट्स हासिल किए हैं। Afcons Infrastructure को ₹5,301 करोड़ के प्रोजेक्ट मिले हैं, KNR Constructions को ₹1,714.2 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं, RVNL को ₹221.3 करोड़ के प्रोजेक्ट मिले हैं, और BHEL को ₹90 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

क्यों है यह अहम?

Grasim का यह विस्तार कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में ग्रोथ पर फोकस को दिखाता है। भारती हेक्साकॉम के लिए यह कानूनी जीत वित्तीय बोझ को काफी कम करेगी। वहीं, इंफ्रा कंपनियों को मिले ये नए ऑर्डर उनके मजबूत बिजनेस पाइपलाइन और रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद जगाते हैं।

पिछली बड़ी बातें

यह खबर ऐसे समय में आई है जब पिछले हफ्ते निफ्टी और सेंसेक्स जैसे प्रमुख इंडेक्स में तेजी देखी गई थी, हालांकि मिडकैप इंडेक्स में थोड़ी गिरावट आई थी। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने ₹18,673.2 करोड़ का बड़ा निवेश किया, जिससे फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) के ₹20,432.3 करोड़ के आउटफ्लो को कुछ हद तक संभाला जा सका। महंगाई को लेकर मैक्रो इकोनॉमिक चिंताएं बनी हुई हैं, जहां US में महंगाई 4.2% और भारत में CPI मई 2026 में 3.9% दर्ज की गई थी।

अब आगे क्या?

निवेशक Grasim की कैपेसिटी एक्सपेंशन की प्रगति पर नजर रखेंगे। भारती हेक्साकॉम को मिली राहत उसके फाइनेंशियल पर पॉजिटिव असर डाल सकती है। इंफ्रा कंपनियों को मिले ऑर्डर्स उनके भविष्य के कारोबार की अच्छी तस्वीर पेश करते हैं।

जोखिमों पर एक नज़र

एक बड़ा जोखिम भारत में मॉनसून की कमी है, जो 11 जून, 2026 तक लगभग 27% तक पहुंच गई है। बारिश की यह कमी कृषि उत्पादन और ग्रामीण खपत पर नकारात्मक असर डाल सकती है। इसके अलावा, वैश्विक और घरेलू महंगाई का बढ़ता स्तर आर्थिक स्थिरता और पॉलिसी आउटलुक के लिए जोखिम पैदा करता है।

साथियों से तुलना

हालांकि Lyocell के लिए विशिष्ट पीयर कैपेक्स का विवरण नहीं दिया गया है, Grasim का निवेश अपने सेगमेंट में काफी महत्वपूर्ण है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में, KNR Constructions और RVNL द्वारा ऑर्डर जीतना आम बात है, लेकिन Afcons Infrastructure के ऑर्डर का पैमाना काफी बड़ा है। भारती एयरटेल के लिए टैक्स विवाद का समाधान उसकी सहायक कंपनी के परिचालन इतिहास से जुड़ा है।

ट्रैक करने लायक मुख्य बातें

  • Grasim Industries: Lyocell क्षमता विस्तार के लिए ₹3,094 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर।
  • Bharti Hexacom: बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा ₹473.7 करोड़ के वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज (OTSC) डिमांड को खारिज किया गया।
  • KNR Constructions: ₹1,714.2 करोड़ का नया ऑर्डर।
  • RVNL: ₹221.3 करोड़ का नया ऑर्डर।
  • US Inflation: 4.2% (मई 2026 की वार्षिक दर)।
  • India CPI: 3.9% (मई 2026)।
  • Monsoon Deficit: 11 जून, 2026 तक 27%

आगे क्या देखें?

निवेशकों को मॉनसून की प्रगति और ग्रामीण मांग पर इसके प्रभाव पर नजर रखनी चाहिए। वैश्विक महंगाई के रुझान और केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसले महत्वपूर्ण होंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों द्वारा नए ऑर्डर का निष्पादन भी देखने लायक होगा।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.