Graphite India ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **₹94 करोड़** का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट कमाया है, लेकिन जर्मनी की दो घाटे वाली सब्सिडियरी बंद करने के चलते **₹22 करोड़** का एक्स्ट्रा खर्च उठाना पड़ा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
कंपनी के नतीजों पर नजर डालें तो सितंबर तिमाही में इसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹826 करोड़ रहा है, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹729 करोड़ से बेहतर है। हालांकि, मुनाफे के आंकड़ों पर जर्मनी ऑपरेशंस से बाहर निकलने के फैसले का असर दिखा है।
क्यों बंद हो रही हैं जर्मन यूनिट्स?
Graphite India अपनी दो जर्मन सब्सिडियरी—Bavaria Carbon Specialities GmbH और Graphite COVA GmbH—को पूरी तरह बंद कर रही है। मैनेजमेंट के अनुसार, यूरोप में लगातार खराब बिजनेस हालात और कम प्रतिस्पर्धी होने के कारण यह कड़ा फैसला लिया गया है। इस रीस्ट्रक्चरिंग में इन्वेंटरी राइट-डाउन और कर्मचारियों को हटाने जैसी लागत शामिल है, जिसका असर इस तिमाही के ₹22 करोड़ के एक्सेप्शनल चार्ज के रूप में सामने आया है।
रिस्क और कानूनी चुनौतियां
निवेशकों को कंपनी के कानूनी विवादों पर भी नजर रखनी होगी। कंपनी फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 'इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी' से जुड़े विवाद और 2018-2020 के बीच के टैक्स असेसमेंट अपीलों का सामना कर रही है। इन कानूनी उलझनों का रिजॉल्यूशन कंपनी के भविष्य के फाइनेंशियल प्रोफाइल के लिए काफी अहम होगा।
