Goyal Aluminiums Ltd की 10वीं AGM में सभी सात प्रस्तावों को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने अब Wroley E India Private Limited से बाहर निकलने और रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस के लिए **₹100 करोड़** की सीमा तय करने का बड़ा फैसला लिया है।
AGM के मुख्य नतीजे
30 सितंबर, 2026 को आयोजित अपनी 10वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में Goyal Aluminiums ने अपने भविष्य की दिशा तय कर ली है। ई-वोटिंग के जरिए सभी सात प्रस्तावों को भारी बहुमत से पास कर दिया गया है। इसमें FY2026 के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को अपनाना और कॉस्ट ऑडिटर का पारिश्रमिक तय करना शामिल था।
विनिवेश और ट्रांजैक्शन लिमिट का महत्व
कंपनी ने Wroley E India Private Limited में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है, जिसके बाद यह इकाई अब कंपनी की एसोसिएट कंपनी नहीं रहेगी। इसके अलावा, ₹100 करोड़ की नई लिमिट तय होने से मैनेजमेंट को भविष्य में इंटर-कंपनी ट्रांजैक्शंस के लिए अधिक ऑपरेशनल आजादी मिल गई है।
बोर्ड में बदलाव और गवर्नेंस
कंपनी ने अपनी गवर्नेंस को और मजबूत किया है। श्रीमती कंचन गोयल को रोटेशन के बाद पुनः नियुक्त किया गया है, जबकि श्री सौरभ गाखर और श्रीमती पुष्पा जोशी को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में रेगुलराइज किया गया है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि Wroley E India के विनिवेश से मिलने वाले फंड का कंपनी कैसे इस्तेमाल करती है और आने वाली तिमाहियों में नई ₹100 करोड़ की RPT लिमिट के चलते कंपनी की गतिविधियों में कितनी तेजी आती है।
