Goodluck India ने H1 FY27 में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **42.4%** उछलकर **₹120 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही कंपनी अपनी डिफेंस और ग्रीन एनर्जी सब्सिडियरी को मूल कंपनी में विलय (Amalgamation) करने की योजना बना रही है।
मुनाफे में रॉकेट जैसी तेजी
Goodluck India के नतीजों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। कंपनी ने H1 FY27 में ₹1.2 अरब का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹26.6 अरब पर पहुंच गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि Q2 में वॉल्यूम ग्रोथ 18.1% रही है, जो भविष्य के लिए अच्छे संकेत हैं।
सब्सिडियरी का होगा विलय (Corporate Restructuring)
कंपनी ने अपनी दो प्रमुख सब्सिडियरी, 'Goodluck Defence and Aerospace Limited' और 'Goodluck Green Energy Limited' को मूल कंपनी में मर्ज करने का फैसला लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कैपिटल ऑप्टिमाइजेशन और बिजनेस को आसान बनाना है।
डिफेंस में बड़ा दांव
कंपनी ने 155mm आर्टिलरी शेल बनाने के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की है। कंपनी एक सरकारी टेंडर के लिए एकमात्र तकनीकी रूप से क्वालिफाइड बिडर है। मैनेजमेंट ने डिफेंस शेल की क्षमता को बढ़ाकर 4 लाख यूनिट तक ले जाने का लक्ष्य रखा है, जिससे ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। साथ ही, एयरोस्पेस डिवीजन में ₹80 करोड़ का निवेश आने वाले 4-5 सालों में ₹180 करोड़ की कमाई में बदल सकता है।
चुनौतियां और जोखिम
सब कुछ अच्छा होने के बावजूद, ग्लोबल फ्रेट और फ्यूल कॉस्ट बढ़ने से कंपनी के मार्जिन पर दबाव देखा गया है। Q2 में 150 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट मार्जिन पर असर डालती दिखी है। हालांकि, कंपनी ने वर्किंग कैपिटल साइकिल को मार्च 2026 के मुकाबले 7 दिन कम किया है, जो ऑपरेशनल दक्षता को दिखाता है।
आगे का रास्ता
कंपनी का लक्ष्य पूरे साल के लिए 15% से 20% की वॉल्यूम ग्रोथ हासिल करना है। फिलहाल, नॉन-डिफेंस सेगमेंट में कंपनी की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 99% पर बनी हुई है, जो पावर और इंफ्रा सेक्टर की मजबूत मांग को दर्शाता है।
