Godawari Power and Ispat ने अपने बड़े स्टील प्रोजेक्ट को फिलहाल रोकने का फैसला किया है। वहीं, कंपनी **1,100 करोड़** रुपये के निवेश वाला CRM प्रोजेक्ट महाराष्ट्र शिफ्ट कर रही है, जिसे दिसंबर 2027 तक चालू करने का लक्ष्य है।
Godawari Power के प्रोजेक्ट्स पर अहम अपडेट
Godawari Power and Ispat Ltd ने अपने 10 लाख टन के इंटीग्रेटेड स्टील प्रोजेक्ट को होल्ड पर रखने का फैसला किया है। कंपनी ने यह भी बताया कि वह 7 लाख टन क्षमता वाले CRM कॉम्प्लेक्स को छत्तीसगढ़ से हटाकर महाराष्ट्र के AURIC इंडस्ट्रियल बेल्ट में ले जा रही है। इस पर 1,100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और इसे दिसंबर 2027 तक चालू करने का लक्ष्य है।
क्या हुआ है?
Godawari Power and Ispat Ltd ने अपने रणनीतिक प्रोजेक्ट्स को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। कंपनी ने कहा है कि जरूरी अप्रूवल, खासकर पानी के आवंटन से जुड़ी दिक्कतों के कारण, इंटीग्रेटेड स्टील प्रोजेक्ट को फिलहाल होल्ड पर रखा जा रहा है। अब इस प्रोजेक्ट को भविष्य में ग्रोथ के विकल्प के तौर पर देखा जाएगा।
इसके साथ ही, कंपनी अपने 7 लाख टन के कोल्ड रोलिंग मिल (CRM) कॉम्प्लेक्स को छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र के संभाजी नगर के पास AURIC इंडस्ट्रियल बेल्ट में शिफ्ट कर रही है। इसका मकसद राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली सहूलियतों और इंडस्ट्रियल तालमेल का फायदा उठाना है। उम्मीद है कि अगस्त 2026 तक जमीन आवंटन का अप्रूवल मिल जाएगा, अक्टूबर 2026 में कंस्ट्रक्शन शुरू होगा और दिसंबर 2027 तक यह चालू हो जाएगा। इस CRM प्रोजेक्ट में 550 करोड़ रुपये का कर्ज और बाकी रकम इंटरनल अक्रूअल (आंतरिक बचत) से जुटाई जाएगी।
इसके अलावा, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट तय समय पर चल रहा है और इसके Q1 FY28 में चालू होने की उम्मीद है। ग्राउंड वर्क शुरू हो चुका है और दिसंबर 2026 तक उपकरणों की डिलीवरी हो जाएगी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
इंटीग्रेटेड स्टील प्रोजेक्ट को होल्ड पर रखने का फैसला कंपनी की आक्रामक विस्तार योजनाओं में एक ठहराव का संकेत देता है। अब सारा ध्यान CRM कॉम्प्लेक्स पर होगा। महाराष्ट्र में CRM प्रोजेक्ट का स्थानांतरण, जिसमें बड़ा कैपेक्स (Capex) शामिल है, ऑपरेशनल और फाइनेंशियल फायदों को बढ़ाने की एक स्ट्रेटेजिक चाल है। CRM और BESS प्रोजेक्ट्स का सफल कंप्लीशन कंपनी के भविष्य के विकास और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के लिए अहम होगा।
पिछली कहानी
Godawari Power अपनी क्षमता बढ़ाने और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने पर काम कर रही है। इंटीग्रेटेड स्टील प्रोजेक्ट वर्टिकल इंटीग्रेशन की लॉन्ग-टर्म प्लानिंग का हिस्सा था, जबकि CRM कॉम्प्लेक्स का मकसद वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स को बढ़ाना था। कंपनी ने FY27 के लिए अपनी माइनिंग गाइडेंस 3.4 मिलियन टन पर बरकरार रखी है।
अब क्या बदलेगा?
इंटीग्रेटेड स्टील प्रोजेक्ट के अनिश्चितकालीन होल्ड पर जाने का मतलब है कि कैपिटल एलोकेशन (पूंजी का आवंटन) अब CRM और BESS प्रोजेक्ट्स की ओर जाएगा। कंपनी उम्मीद कर रही है कि Q2 में उसका पेलेट प्रोडक्शन लगभग 500 किलोटन रहेगा, क्योंकि ओवरबर्डन डंपिंग के लिए जगह की कमी माइनिंग वॉल्यूम को प्रभावित कर रही है, क्योंकि अतिरिक्त जमीन के लिए परमिशन का इंतजार है।
जोखिम
छत्तीसगढ़ में माइनिंग ऑपरेशंस के लिए सरकारी जमीन की मंजूरी मिलने में देरी पेलेट प्रोडक्शन के टारगेट को प्रभावित कर सकती है। महाराष्ट्र में CRM प्रोजेक्ट का दिसंबर 2027 तक सफलतापूर्वक चालू होना भी एक अहम फैक्टर है, जिसे तय कैपेक्स और कर्ज के साथ मॉनिटर करना होगा।
आगे क्या देखें
निवेशक छत्तीसगढ़ में माइनिंग के लिए जमीन की मंजूरी, महाराष्ट्र में CRM कॉम्प्लेक्स के कंस्ट्रक्शन की प्रगति और मैनेजमेंट के अनुसार, अपनी कैपेक्स को इंटरनल अक्रूअल से फंड करने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखेंगे।
