Godawari Power and Ispat Limited (GPIL) ने अपनी सहयोगी कंपनी Jammu Pigments Limited (JPL) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 43.96% कर ली है। यह बड़ा कदम CCPS (Compulsorily Convertible Preference Shares) को इक्विटी में बदलने के ज़रिए उठाया गया है, जिससे बिना किसी अतिरिक्त निवेश के कंपनी का नियंत्रण बढ़ा है।
Godawari Power ने Jammu Pigments में बढ़ाई हिस्सेदारी, अब 43.96% का मालिक
Godawari Power and Ispat Limited (GPIL) ने अपनी एसोसिएट कंपनी Jammu Pigments Limited (JPL) में कम्पलसरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) को इक्विटी में सफलतापूर्वक बदल दिया है। यह ट्रांसफॉर्मेशन 29 जून, 2026 को हुआ, जिसमें 58,92,256 CCPS शामिल थे।
गौरतलब है कि GPIL ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के दौरान इन CCPS में ₹175 करोड़ का निवेश किया था। इस रूपांतरण के बाद JPL में किसी अतिरिक्त कैश इंफ्यूजन की ज़रूरत नहीं पड़ी है।
क्यों है यह अहम?
इस कॉर्पोरेट एक्शन से GPIL का Jammu Pigments में मालिकाना हक़ काफी बढ़ गया है, जिससे हिस्सेदारी 43.96% तक पहुंच गई है। पहले की हिस्सेदारी का खुलासा नहीं किया गया है। यह कदम GPIL को नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग सेक्टर, जिसमें लेड-एसिड बैटरी और इंडस्ट्रियल वेस्ट का रीसाइक्लिंग शामिल है, में अपने एसोसिएट पर मजबूत नियंत्रण स्थापित करने में मदद करता है।
JPL का प्रदर्शन कैसा रहा?
Jammu Pigments Limited नॉन-फेरस मेटल्स की रीसाइक्लिंग का काम करती है। कंपनी ने पिछले तीन फाइनेंशियल इयर्स में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है:
- FY 2023-24: टर्नओवर ₹592.30 करोड़, PAT ₹22.55 करोड़, नेट वर्थ ₹128.66 करोड़।
- FY 2024-25: टर्नओवर ₹642.50 करोड़, PAT ₹14.69 करोड़, नेट वर्थ ₹123.30 करोड़।
- FY 2025-26: टर्नओवर ₹877.89 करोड़, PAT ₹33.26 करोड़, नेट वर्थ ₹156.49 करोड़।
आगे क्या?
अब GPIL के पास JPL में बड़ी इक्विटी हिस्सेदारी है, जिसका मतलब है कि कंपनी का प्रभाव और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में लाभ की संभावना बढ़ गई है। यह कदम JPL के बढ़ते बिज़नेस में GPIL की स्थिति को मज़बूत करने के लिए एक स्ट्रेटेजिक रीअलाइनमेंट का हिस्सा है। निवेशकों को भविष्य में GPIL की कंसोलिडेटेड कमाई और कैश फ्लो पर JPL के बढ़ते योगदान के प्रभाव पर नज़र रखनी चाहिए।
