Goa Carbon Q2 Results: घाटा सिमटकर हुआ ₹1 करोड़, रेवेन्यू में आया दोगुने से ज्यादा उछाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Goa Carbon Q2 Results: घाटा सिमटकर हुआ ₹1 करोड़, रेवेन्यू में आया दोगुने से ज्यादा उछाल

Goa Carbon Limited के सितंबर 2026 तिमाही के नतीजे आ गए हैं। कंपनी का नेट लॉस घटकर सिर्फ **₹1 करोड़** रह गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह **₹21.41 करोड़** था। कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू **₹102.47 करोड़** से बढ़कर **₹255.01 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है।

मुनाफे की ओर बढ़ते कदम

सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही कंपनी के लिए रिकवरी वाली रही। जहां कंपनी ने ₹1 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, वहीं पिछले साल के ₹21.41 करोड़ के नुकसान की तुलना में यह एक बड़ा सुधार है। कंपनी की कुल आय भी ₹105.24 करोड़ से बढ़कर ₹259.23 करोड़ हो गई है।

मेंटेनेंस के बावजूद दमदार प्रदर्शन

रेवेन्यू में 150% से ज्यादा का उछाल हैरान करने वाला है, क्योंकि इस दौरान कंपनी के गोवा और बिलासपुर प्लांट्स में 92 दिनों तक मेंटेनेंस शटडाउन चल रहा था। इस दौरान कंपनी का पारादीप (Paradeep) प्लांट पूरी तरह चालू रहा, जिसने प्रोडक्शन को संभाले रखा।

कानूनी पेंच और सुप्रीम कोर्ट का मामला

कंपनी फिलहाल 'गोवा ग्रीन सेस' (Goa Green Cess) को लेकर कानूनी विवाद में फंसी है। बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद, कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में 'स्पेशल लीव पिटीशन' (SLP) दाखिल की है। कंपनी ने कोर्ट के निर्देश पर ₹349 लाख (FY 2014-15 से FY 2024-25 के लिए) जमा किए हैं। मैनेजमेंट का मानना है कि इस मुकदमेबाजी का नतीजों पर कोई बड़ा बुरा असर नहीं पड़ेगा।

आगे क्या देखें?

निवेशकों के लिए अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नजर रखना जरूरी है। इसके साथ ही, कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी और मेंटेनेंस शेड्यूल पर भी ध्यान देना होगा, क्योंकि ये सीधे तौर पर Calcined Petroleum Coke सेगमेंट की लागत और मुनाफे को प्रभावित करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.