Globe Civil Projects ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू बढ़कर **₹376.53 करोड़** पहुंच गया है, हालांकि नेट प्रॉफिट में हल्की गिरावट देखी गई है। कंपनी फिलहाल **₹730 करोड़** के ऑर्डर बुक पर फोकस कर रही है, जिसके चलते इस साल कोई डिविडेंड नहीं दिया जाएगा।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Globe Civil Projects ने मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपनी सालाना रिपोर्ट पेश की है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹378.58 करोड़ से बढ़कर ₹405.72 करोड़ हो गया है, जो कि 7% की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, नेट प्रॉफिट में थोड़ी नरमी देखी गई है और यह पिछले साल के ₹24.05 करोड़ के मुकाबले गिरकर ₹23.30 करोड़ पर आ गया है। कंपनी का प्रति शेयर आय (EPS) ₹4.18 दर्ज किया गया है।
क्यों नहीं मिला डिविडेंड?
कंपनी के बोर्ड ने इस बार डिविडेंड न देने का बड़ा फैसला लिया है। इसका मुख्य कारण कंपनी का आक्रामक विस्तार है। फिलहाल कंपनी 12 बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है और ₹730 करोड़ की ऑर्डर बुक को पूरा करने के लिए सारा कैपिटल यहीं निवेश किया जा रहा है।
आगे की राह और जोखिम
जुलाई 2025 में लिस्ट होने के बाद, कंपनी की पेड-अप शेयर कैपिटल ₹42.96 करोड़ से बढ़कर ₹59.72 करोड़ हो गई है। निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद मार्जिन पर दबाव है। आगामी 24th AGM में डायरेक्टर निपुण खुराना की नियुक्ति और प्रोजेक्ट्स की समय पर डिलीवरी पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
