Globe Civil Projects: तूफानी तेजी! पहले तिमाही में रेवेन्यू **37%** बढ़कर **₹923 करोड़** हुआ, मुनाफे में **40%** उछाल

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AuthorMehul Desai|Published at:
Globe Civil Projects: तूफानी तेजी! पहले तिमाही में रेवेन्यू **37%** बढ़कर **₹923 करोड़** हुआ, मुनाफे में **40%** उछाल

Globe Civil Projects ने शानदार Q1 FY27 नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में **37%** बढ़कर **₹923.04 करोड़** पर पहुंच गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी **40%** का जबरदस्त उछाल आया है। कंपनी का ऑर्डर बुक भी मजबूत बना हुआ है, जो आगे भी ग्रोथ की उम्मीद जगाता है।

Globe Civil Projects Ltd Q1 FY27 नतीजे

रेवेन्यू: ₹923.04 करोड़ | PAT: ₹70.91 करोड़ | पिछले साल की तुलना में रेवेन्यू ग्रोथ: 37.05%

Globe Civil Projects Ltd ने Q1 FY27 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में शानदार ग्रोथ दिखा रहे हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 37.05% बढ़कर ₹923.04 करोड़ हो गया, जो Q1 FY26 में ₹673.50 करोड़ था। कुल आय (Total Income) में भी 37.26% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹929.23 करोड़ पर पहुंच गई। EBITDA 33.03% बढ़कर ₹158.05 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹50.50 करोड़ से 40.42% उछलकर ₹70.91 करोड़ पर आ गया।

यह क्यों मायने रखता है

कंपनी का यह मजबूत प्रदर्शन बताता है कि उसकी बिजनेस स्ट्रेटेजी सही दिशा में जा रही है और नतीजे अच्छे मिल रहे हैं। रेवेन्यू और प्रॉफिट में हुई यह बढ़ोतरी निवेशकों को कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्केट में उसकी पोजीशन के बारे में विश्वास दिलाती है, खासकर सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के मामले में।

ऑर्डर बुक की स्थिति

FY26 के अंत तक कंपनी का ऑर्डर बुक ₹730 करोड़ था। यह FY24 के ₹980.85 करोड़ से थोड़ा कम है, लेकिन FY25 के ₹669.1 करोड़ से ज्यादा है। मैनेजमेंट का कहना है कि अगले 2-3 सालों के लिए कंपनी के पास पर्याप्त विजिबिलिटी है, जिसमें बड़े सरकारी क्लाइंट्स से मिलने वाले रिपीट बिजनेस का बड़ा योगदान है।

भविष्य की योजनाएं

कंपनी अपनी सरकारी प्रोजेक्ट्स, खासकर एजुकेशन और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस जारी रखेगी। अब एक 'क्लास I सुपर कॉन्ट्रैक्टर' के तौर पर बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए अकेले बिडिंग करने की क्षमता और नए राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल और ओडिशा में विस्तार की योजनाएं, साथ ही स्ट्रेटेजिक अलायंस, भविष्य की ग्रोथ को और बढ़ावा देंगे।

संभावित जोखिम

हालांकि ऑर्डर बुक अच्छी है, लेकिन सरकारी प्रोजेक्ट्स पर निर्भरता कभी-कभी पेमेंट में देरी या पॉलिसी में बदलाव का कारण बन सकती है। पिछले तीन सालों में ऑर्डर बुक के साइज में उतार-चढ़ाव पर नजर रखना जरूरी होगा।

आगे क्या देखना है

निवेशक अब कंपनी के प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन, नए ऑर्डर मिलने, भौगोलिक विस्तार और ज्वाइंट वेंचर्स की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे। अगले क्वार्टर्स में रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ पर नजर बनाए रखना अहम होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.