Glittek Granites में बड़ा फेरबदल: Rawmin Group का कब्ज़ा, अब नई एनर्जी सेक्टर में होगी कंपनी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Glittek Granites में बड़ा फेरबदल: Rawmin Group का कब्ज़ा, अब नई एनर्जी सेक्टर में होगी कंपनी

Glittek Granites लिमिटेड में अब Rawmin Group का राज चलेगा। पूरी मैनेजमेंट टीम को बदला गया है और कंपनी का नाम बदलने के साथ-साथ अब वह रिन्यूएबल एनर्जी और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements) जैसे नए सेक्टर में कदम रखेगी।

Glittek Granites में नेतृत्व परिवर्तन

Glittek Granites लिमिटेड में एक बड़ा बदलाव आया है। Rawmin Group ने अपना ओपन ऑफर पूरा कर लिया है और अब कंपनी का नियंत्रण उन्हीं के हाथों में है। इसके साथ ही, कंपनी के पूरे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को बदल दिया गया है। नए सदस्यों को 5 साल के लिए, यानि 24 जून, 2031 तक के लिए नियुक्त किया गया है।

नई टीम ने संभाली कमान

नए बोर्ड में महेशकुमार जटाशंकर ठंकी को चेयरमैन और होल-टाइम डायरेक्टर, भार्गव गिरजाशंकर ठंकी को मैनेजिंग डायरेक्टर और भावन हरिहर ठंकी को होल-टाइम डायरेक्टर बनाया गया है। स्वतंत्र निदेशकों में डॉ. दीपेंद्र सिंह, सुनील कुमार बंसल और कविता राकेश शाह शामिल हैं। गौतम ठंकी को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया गया है।

ये नए नियुक्त अधिकारी पुराने बोर्ड की जगह लेंगे। इससे पहले वाले एमडी (MD) अशोक अग्रवाल और तुषार अग्रवाल, सिद्धार्थ अग्रवाल, मनीष किला, मालविका सुरेका और पूर्व सीएफओ (CFO) अशोक कुमार मोदी ने 25 जून, 2026 से इस्तीफा दे दिया था।

नए सेक्टरों की ओर कंपनी का रुख

नई मैनेजमेंट कंपनी को मौजूदा कामों से हटाकर नए और उभरते हुए सेक्टरों पर फोकस करने की योजना बना रही है। इसके तहत, कंपनी का नाम बदलकर 'Rawmin Neo Elements Limited', 'Rawmin Resources Limited' या 'Rawmin Neo Energy Limited' जैसे नामों में से कोई एक रखने का प्रस्ताव है।

साथ ही, कंपनी अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) में बदलाव करके बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS), रिन्यूएबल एनर्जी और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements) के कारोबार को शामिल करेगी। कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस बेंगलुरु, कर्नाटक से मुंबई, महाराष्ट्र शिफ्ट करने की भी योजना है।

शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार

कंपनी के नाम में बदलाव और बिजनेस एक्टिविटीज को जोड़ने जैसे बड़े फैसले शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही लागू हो पाएंगे। इसके लिए बोर्ड ने एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाने की मंजूरी दे दी है। ये सारे फैसले 25 जून, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में लिए गए, जो दोपहर 01:15 बजे से 03:45 बजे IST तक चली थी।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों को EGM के नतीजों पर बारीकी से नजर रखनी होगी। साथ ही, नए नाम और ऑफिस शिफ्टिंग के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल पर भी नजर रहेगी। नए एनर्जी और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों वाले सेक्टरों में मैनेजमेंट की सफलता कंपनी के लिए अहम होगी।

जोखिम पर भी ध्यान दें

नए मैनेजमेंट के लिए इस बड़े स्ट्रैटेजिक बदलाव को लागू करना एक बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा, नए बिजनेस के लिए जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल मिलना भी जोखिम भरा हो सकता है। इस ट्रांजिशन के दौरान ऑपरेशनल रिस्क भी बने रहेंगे।

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