Glen Industries ने FY26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें रेवेन्यू में 19% का जोरदार उछाल देखा गया है और यह ₹203.13 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, मार्जिन पर दबाव के कारण नेट प्रॉफिट 9.4% घटकर ₹16.50 करोड़ रह गया। कंपनी विस्तार के लिए ₹100.22 करोड़ के Capex का प्लान बना रही है।
Detailed Coverage
Glen Industries ने दिखाई ग्रोथ, पर मुनाफे में आई कमी
Glen Industries ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने टॉप-लाइन पर शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 19% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अब ₹203.13 करोड़ हो गया है। लेकिन, मार्जिन में आई कमी के चलते कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 9.4% घटकर ₹16.50 करोड़ रह गया है। पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) में यह ₹18.22 करोड़ था।
क्यों गिरी प्रॉफिटेबिलिटी?
कंपनी के नतीजों पर गौर करें तो, कच्चे माल की लागत में हुई बढ़ोतरी (जो अब रेवेन्यू का 62% है, जबकि FY25 में यह 57% थी) और EBITDA मार्जिन में आई गिरावट (जो 19% पर आ गया है, FY25 में 24% था) इसके पीछे मुख्य कारण हैं। इससे पता चलता है कि कंपनी को बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है।
विस्तार की तैयारी: ₹100 करोड़ का Capex प्लान
Glen Industries भविष्य में ₹500 करोड़ के रेवेन्यू लक्ष्य को छूने की तैयारी में है। इस महत्वाकांक्षी योजना को पूरा करने के लिए, कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं और प्रोडक्शन लाइन्स पर ₹100.22 करोड़ का पूंजीगत व्यय (Capex) करने जा रही है। इस विस्तार के लिए फंड जुटाने के लिए कंपनी ने हाल ही में इक्विटी जारी कर अपनी नेट वर्थ को दोगुना किया है।
आगे क्या?
कंपनी ने इस बार कोई डिविडेंड (Dividend) घोषित नहीं किया है, क्योंकि पूरा फोकस ग्रोथ के लिए री-इन्वेस्टमेंट पर है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी बढ़ती लागतों को कैसे मैनेज करती है और क्या वह इन बढ़ी हुई लागतों का बोझ ग्राहकों पर डाल पाती है।
एक्सपोर्ट का जोखिम
मैनेजमेंट ने यह भी चेतावनी दी है कि भू-राजनीतिक और व्यापारिक अनिश्चितताओं के कारण एक्सपोर्ट को लेकर कुछ जोखिम हो सकते हैं, जिसका असर भविष्य की रेवेन्यू स्ट्रीम्स पर पड़ सकता है।
