Glass Wall Systems: रेवेन्यू में जोरदार उछाल, लेकिन बढ़ते खर्चों ने घटाया कंपनी का मुनाफा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Glass Wall Systems: रेवेन्यू में जोरदार उछाल, लेकिन बढ़ते खर्चों ने घटाया कंपनी का मुनाफा

Glass Wall Systems (India) ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू तो बढ़ा है, लेकिन बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों के चलते नेट प्रॉफिट में गिरावट दर्ज की गई है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर

Glass Wall Systems (India) ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹79.12 करोड़ से बढ़कर ₹107.45 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, टॉपलाइन में इस बढ़ोतरी के बावजूद बॉटमलाइन पर दबाव दिखा। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹18.73 करोड़ से घटकर ₹17.30 करोड़ रह गया है, जिसका मुख्य कारण कंपनी के कुल खर्चों का ₹59.36 करोड़ से उछलकर ₹86.89 करोड़ तक पहुंच जाना है।

क्यों बढ़े हैं खर्चे?

विशेषज्ञों का मानना है कि बिजनेस को स्केल करने की कोशिशों के चलते मार्जिन पर असर पड़ा है। इसके अलावा, कंपनी ने हाल ही में PP Vitrum Systema Technologies Private Limited नाम से एक नई सब्सिडियरी कंपनी बनाने की पुष्टि की है, जो भविष्य में कंपनी की अर्निंग्स कंसोलिडेशन को प्रभावित कर सकती है।

बोर्ड और गवर्नेंस में बदलाव

कंपनी ने बोर्ड में बड़ा बदलाव करते हुए अमित जवाहर हेमराजानी को 5 साल के लिए एडिशनल नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है। साथ ही, कंपनी ने अपने सीएफओ संजय सावंत की सैलरी में बदलाव को भी मंजूरी दी है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है।

निवेशकों के लिए जोखिम: टैक्स विवाद

निवेशकों को कंपनी से जुड़ी एक कानूनी लड़ाई पर भी नजर रखनी चाहिए। महाराष्ट्र वैट विभाग ने सेल्स टैक्स ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की है। यह विवाद एमवीएटी (MVAT) और सीएसटी (CST) असेसमेंट से जुड़ा है और कंपनी पर एक बड़ी कानूनी लायबिलिटी बनी हुई है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.