Generic Engineering Construction and Projects Ltd ने Q1 FY27 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹52.09 करोड़** रहा, जिसमें नाममात्र की बढ़त दिखी है। हालांकि, ऑडिटर्स ने इन्वेंट्री वैल्यूएशन को लेकर सवाल उठाए हैं, जो कंपनी की गवर्नेंस पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
Q1 FY27: मामूली ग्रोथ और ऑडिट का बड़ा झटका
कंपनी ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के जो नतीजे पेश किए हैं, वे निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं। कंपनी का रेवेन्यू ₹52.09 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹51.96 करोड़ के मुकाबले बहुत मामूली बढ़त है। इसी तरह, नेट प्रॉफिट भी ₹2.00 करोड़ से बढ़कर मात्र ₹2.02 करोड़ पर पहुंच पाया है।
क्यों मचा है हड़कंप?
नंबर्स से ज्यादा चिंता इस बात की है कि कंपनी के वैधानिक ऑडिटर, Bilimoria Mehta & Co. ने अपनी रिपोर्ट में 'क्वालिफाइड कंक्लूजन' दिया है। ऑडिटर का कहना है कि उन्हें वर्क-इन-प्रोग्रेस (WIP) इन्वेंट्री की वैल्यूएशन को सत्यापित करने के लिए जरूरी कॉस्ट रिकॉर्ड्स नहीं मिले। कंपनी मैनेजमेंट इस पर ठोस डेटा नहीं दे पाया है, जिससे फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स की शुद्धता पर बड़ा रिस्क खड़ा हो गया है।
बिजनेस सेगमेंट की स्थिति
- कंस्ट्रक्शन टू सर्विसेज: यहाँ रेवेन्यू ₹30.68 करोड़ और प्रॉफिट ₹4.13 करोड़ रहा।
- ट्रेडिंग मटेरियल: इस सेगमेंट ने ₹21.41 करोड़ का रेवेन्यू और ₹0.43 करोड़ का प्रॉफिट दिया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
ऑडिट क्वालिफिकेशन का सीधा मतलब है कि भविष्य में इन्वेंट्री वैल्यू को लेकर बड़े 'राइट-डाउन' (Write-downs) की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अगर मैनेजमेंट ने समय रहते कॉस्ट अकाउंटिंग में सुधार नहीं किया, तो यह गवर्नेंस का मुद्दा और गहरा सकता है। निवेशकों को कंपनी की तरफ से आने वाले स्पष्टीकरण और ऑडिट संबंधी समाधान पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
