Gayatri Projects ने सितंबर 2026 तिमाही में शानदार वापसी करते हुए **₹47.89 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर IBC के तहत अपना वन-टाइम डेट सेटलमेंट पूरा कर लिया है, हालांकि ऑडिटर्स ने कुछ रिकवरी जोखिमों पर चेतावनी दी है।
मुनाफे की वापसी और IBC का निपटारा
Gayatri Projects ने सितंबर तिमाही में बड़ी राहत की सांस ली है। कंपनी ने ₹47.89 करोड़ का नेट प्रॉफिट पोस्ट किया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹6.70 करोड़ का नुकसान हुआ था। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी बढ़कर ₹115.63 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹73.13 करोड़ था।
कंपनी ने IBC (Insolvency and Bankruptcy Code) की धारा 12A के तहत अपना कर्ज निपटारा पूरा कर लिया है, जिससे कंपनी अब इन्सॉल्वेंसी की कानूनी मुश्किलों से बाहर आ गई है।
प्रॉफिट के पीछे की असली कहानी (Exceptional Items)
कंपनी के मुनाफे को मुख्य रूप से वन-टाइम एडजस्टमेंट्स से सहारा मिला है:
- आर्बिट्रेशन से ₹20.05 करोड़ का लाभ।
- Gayatri Highways Limited से संबंधित ₹45.56 करोड़ का डेट प्रोविजन रिवर्सल।
- कॉर्पोरेट गारंटी रीइम्बर्समेंट से ₹14.02 करोड़ की आय।
- हालांकि, Gayatri Hi-tech Hotels Ltd में निवेश पर ₹28.28 करोड़ का इंपेयरमेंट चार्ज भी लगा है।
निवेशकों के लिए सावधानी के संकेत
ऑडिटर Atmakuri & Co. ने कुछ ऐसे क्षेत्रों पर ध्यान देने को कहा है जिन पर निवेशकों की नजर होनी चाहिए:
- किसी सब-कॉन्ट्रैक्टर से ₹74.83 करोड़ की रिकवरी में देरी की संभावना।
- SARFAESI एक्ट के तहत ₹154.55 करोड़ की कोलेटरल सिक्योरिटी रियलाइजेशन को लेकर अनिश्चितता।
अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी बिना इन वन-टाइम गेन्स के अपनी ऑपरेशनल रफ्तार कैसे बरकरार रखती है और अटकी हुई रकम की वसूली में कितनी सफलता पाती है।
