Gautam Exim ने मुनाफे में लगाई छलांग, 3:1 बोनस का तोहफा
Gautam Exim लिमिटेड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी ने इस साल ₹0.22 करोड़ (यानी ₹22.17 लाख) का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹0.13 करोड़ (यानी ₹13.32 लाख) के मुकाबले 66.4% ज्यादा है।
यह शानदार मुनाफा तब हुआ है जब कंपनी के रेवेन्यू में 18.4% की गिरावट आई है और यह ₹28.81 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले साल यह ₹35.31 करोड़ था।
इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को 3:1 के बोनस शेयर देने का भी ऐलान किया है। इसका मतलब है कि हर एक शेयर रखने वाले निवेशक को 3 नए शेयर मुफ्त मिलेंगे। कंपनी ने इस बोनस शेयर के लिए 10 जून, 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है।
क्यों है यह खबर अहम?
3:1 बोनस शेयर का ऐलान निवेशकों के लिए एक बड़ा तोहफा है। इससे शेयरधारकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी, जिससे लिक्विडिटी और मार्केट पार्टिसिपेशन में भी तेजी आ सकती है। रेवेन्यू गिरने के बावजूद मुनाफे में इतनी बड़ी बढ़ोतरी कंपनी की कॉस्ट कटिंग या बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दिखाती है।
हालांकि, ₹12.39 करोड़ की एक बड़ी GST देनदारी का मामला गुजरात हाई कोर्ट में चल रहा है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा जोखिम साबित हो सकता है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में Gautam Exim का रेवेन्यू ₹35.31 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹0.13 करोड़ था। FY26 में बेसिक EPS 0.72 हो गया है, जो FY25 के 0.43 से काफी बेहतर है।
अब क्या बदलेगा?
बोनस शेयर से शेयरधारकों को सीधा फायदा होगा, उनके शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी। FY26 में बेहतर प्रॉफिट मार्जिन कंपनी की एफिशिएंसी को दर्शाता है। लेकिन, GST विवाद का नतीजा कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ पर बड़ा असर डाल सकता है।
बड़े जोखिम:
सबसे बड़ा जोखिम ₹12.39 करोड़ की GST ITC देनदारी का है, जिसका फैसला गुजरात हाई कोर्ट में होना है। अगर फैसला कंपनी के खिलाफ आता है तो यह कंपनी के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है। इसके अलावा, ₹2.99 करोड़ के बिल डिस्काउंट भी भविष्य में कंपनी पर बोझ डाल सकते हैं।
