Garware Offshore Services ने अपनी बकाया रकम की वसूली के लिए Afcons Infrastructure के खिलाफ IBC, 2016 के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह विवाद कुल **₹3.16 करोड़** के अनपेड चार्ज से जुड़ा है, जिसके बाद निवेशकों की नजरें अब कंपनी के वर्किंग कैपिटल पर टिकी हैं।
कानूनी सख्ती का रास्ता
Garware Offshore Services ने अपनी बकाया राशि वसूलने के लिए IBC का सहारा लिया है। कंपनी ने ₹3.16 करोड़ का डिमांड नोटिस जारी किया है, जिसमें मूल बकाया ₹3.05 करोड़ है और बाकी हिस्सा ब्याज का है। यह विवाद अप्रैल 2026 में हुए एक चार्टरपार्टी एग्रीमेंट से शुरू हुआ था, जिसमें जहाज के किराए, कैटरिंग और डिमोबिलाइजेशन फीस शामिल थी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह कदम कंपनी के मैनेजमेंट की आक्रामक रणनीति को दर्शाता है। इससे पहले सामान्य तरीके से रकम वसूलने की कोशिशें नाकाम रही थीं। शेयरधारकों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कानूनी दांव कंपनी के वर्किंग कैपिटल को जल्दी राहत दिला पाएगा या फिर यह मामला लंबी कानूनी लड़ाई में तब्दील हो जाएगा।
आगे क्या हो सकता है?
अब कंपनी ने मामला सार्वजनिक रेगुलेटरी डोमेन में डाल दिया है। अगर Afcons Infrastructure भुगतान के लिए तैयार नहीं होती है, तो यह मामला आगे चलकर NCLT में दाखिल पिटीशन की तरफ भी बढ़ सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी के डिस्क्लोजर पर नजर रखें, क्योंकि कानूनी प्रक्रियाओं में समय लगता है और यह कंपनी की शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी पर दबाव भी बना सकता है।
