Ganesha Ecosphere का FY2025-26 का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹38.21 करोड़** पर आ गया है, जो पिछले साल **₹103.12 करोड़** था। कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कंपनी के बॉटम-लाइन पर दिखा है, हालांकि कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए **₹3.50** प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा की है।
मुनाफे में गिरावट की असल वजह
कंपनी के प्रदर्शन पर इस बार कच्चे माल, खासकर वर्जिन पॉलीमर और PET स्क्रैप की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव का भारी असर पड़ा है। इसके चलते पूरे फाइनेंशियल ईयर के दौरान कंपनी के मार्जिन पर दबाव देखा गया। हालांकि, कंपनी की कुल इनकम ₹1499.08 करोड़ रही, जो पिछले साल के ₹1483.64 करोड़ के मुकाबले हल्की बढ़त दर्शाती है।
कैपेसिटी और भविष्य की रणनीति
कमजोर नतीजों के बावजूद, Ganesha Ecosphere अपने विस्तार की योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। कंपनी ने वारंगल फैसिलिटी में 22,500 TPA की rPET ग्रैन्यूल क्षमता शुरू कर दी है। मैनेजमेंट का लक्ष्य FY 2026-27 तक कुल क्षमता को 1 लाख टन प्रति वर्ष तक ले जाने का है। साथ ही, rFilament यार्न को ग्लोबल मार्केट में मिली सफलता कंपनी के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।
बोर्ड में बदलाव और AGM
कंपनी ने लीडरशिप में बदलाव करते हुए राजीव कुमार सक्सेना को एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है। वहीं, 37वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 17 सितंबर 2026 को तय की गई है, जहां डिविडेंड और नए डायरेक्टर की नियुक्ति पर औपचारिक मुहर लगेगी।
