Ganesh Benzoplast Limited ने अपना लिक्विड स्टोरेज टैंक (LST) और रेल बिजनेस **₹1,154 करोड़** में बेचने का ऐलान किया है। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान केमिकल मैन्युफैक्चरिंग और EPC डिवीजन पर लगाएगी।
बड़ा बिजनेस ट्रांजेक्शन
कंपनी ने JNPA, गोवा और कोचीन में स्थित अपने लिक्विड स्टोरेज टैंक (LST) बिजनेस और संबंधित रेल ऑपरेशंस को बेचने के लिए एग्रीमेंट साइन किया है। इस डील की कुल वैल्यू ₹1,154 करोड़ तय की गई है, हालांकि इसके लिए अभी पोर्ट अथॉरिटी और रेगुलेटरी मंजूरियों का इंतजार है। पेमेंट का स्ट्रक्चर ऐसा है कि कंपनी को ₹500 करोड़ जनवरी 2027 से पहले, ₹300 करोड़ मार्च 2027 से पहले और बाकी राशि अगले 12 से 18 महीनों में मिलेगी।
निवेशकों की मौज
इस पैसे का बड़ा हिस्सा निवेशकों को रिवॉर्ड देने में इस्तेमाल होगा। मैनेजमेंट ने पहली किश्त में से ₹200 करोड़ स्पेशल डिविडेंड और शेयर बायबैक के लिए अलग रखे हैं, जिसमें प्रमोटर्स हिस्सा नहीं लेंगे। इसके अलावा, ₹100 करोड़ केमिकल बिजनेस के विस्तार में और लगभग ₹190-200 करोड़ कर्ज और टैक्स चुकाने में काम आएंगे।
नई स्ट्रैटेजी और ग्रोथ
कंपनी का फोकस अब केमिकल मैन्युफैक्चरिंग और EPC बिजनेस पर है। केमिकल प्लांट की क्षमता को दोगुना किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य अगले 5 सालों में ₹60-70 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाना है। वहीं, EPC डिवीजन के पास अब ₹500 करोड़ की ऑर्डर बुक हो गई है, जिसमें KKR का ₹300 करोड़ का बड़ा ऑर्डर भी शामिल है।
जोखिम पर रखें नजर
- इस पूरे प्लान की सफलता केमिकल कैपेसिटी बढ़ाने की टाइमलाइन पर निर्भर है।
- रेगुलेटरी मंजूरी मिलने में देरी होने पर पेमेंट के शेड्यूल पर असर पड़ सकता है।
- EPC बिजनेस में साइक्लिकल उतार-चढ़ाव और कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता मार्जिन को प्रभावित कर सकती है।
