Ganesh Benzoplast ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **92.5%** बढ़कर **₹733 मिलियन** पहुंच गया है। कंपनी को Reliance Industries से **₹513 मिलियन** का बड़ा EPC ऑर्डर भी मिला है, हालांकि बढ़ते रेंटल खर्च और मैनेजमेंट में बड़े बदलाव निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Ganesh Benzoplast Limited (GBL) ने अपनी 39वीं एनुअल रिपोर्ट जारी की है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 9.9% की बढ़त के साथ ₹4,114 मिलियन रहा है। सालाना आधार पर नेट प्रॉफिट (PAT) ₹381 मिलियन से बढ़कर ₹733 मिलियन के स्तर पर पहुंच गया है, हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया कि एक्सेप्शनल आइटम्स को छोड़कर यह आंकड़ा ₹645 मिलियन रहा।
बिजनेस में नई जान
कंपनी का मुख्य Liquid Storage Terminals (LST) बिजनेस पूरी रफ्तार से चल रहा है और JNPT फैसिलिटी फुल कैपेसिटी के करीब है। कंपनी की ग्रोथ में एक बड़ा योगदान Reliance Industries का है, जिसने हजीरा कार्बन फाइबर प्रोजेक्ट के लिए ₹513 मिलियन का EPC कॉन्ट्रैक्ट दिया है। इसके अलावा, JNPT टर्मिनल में 1,22,000 KL की कैपेसिटी जोड़ी जा रही है और गोवा टर्मिनल को भी मल्टी-प्रोडक्ट मॉडल में बदला जा रहा है।
क्या है रिस्क फैक्टर?
नतीजों के बीच कुछ चिंताएं भी हैं। JNPT में जमीन का किराया (Land Lease) ₹20 मिलियन से सीधा बढ़कर ₹242.5 मिलियन हो गया है, जिसका असर EBITDA मार्जिन (28.9%) पर पड़ा है। साथ ही, कंपनी के फाउंडर और CFO रमेश पिलानी का इस्तीफा एक बड़े नेतृत्व बदलाव का संकेत है।
बैलेंस शीट की मजबूती
अच्छी बात यह है कि कंपनी लगभग कर्ज मुक्त (Debt-free) है। इसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.04x है, यानी कंपनी का कैश रिजर्व उसके कर्ज से कहीं ज्यादा है। निवेशकों के लिए अब अगले कुछ महीनों में JNPT विस्तार की टाइमलाइन और लीज कॉस्ट को ग्राहकों पर पास करने की क्षमता पर नजर रखना जरूरी होगा।
