Gammon India ने FY26 के लिए **₹1,189.01 करोड़** का स्टैंडअलोन नेट लॉस दर्ज किया है। हालांकि, शेयरधारकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है कि Securities Appellate Tribunal (SAT) ने कंपनी के शेयर को BSE और NSE पर दोबारा लिस्ट करने का रास्ता साफ कर दिया है।
घाटे का बोझ और फाइनेंशियल स्थिति
कंपनी की 104वीं सालाना आम बैठक (AGM) में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे काफी चिंताजनक हैं। FY26 में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट लॉस बढ़कर ₹1,189.01 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹1,078.14 करोड़ था। कंपनी के भारी-भरकम फाइनेंस कॉस्ट का बड़ा असर नतीजों पर दिखा, जो ₹1,123.06 करोड़ तक पहुंच गया। मुनाफे के अभाव में कंपनी ने कोई भी डिविडेंड घोषित नहीं किया है।
रिलिस्टिंग पर अपडेट
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर SAT का फैसला है। ट्रिब्यूनल ने BSE और NSE को शेयर रिलिस्ट करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अभी शेयर सस्पेंडेड रहेंगे और ट्रेडिंग शुरू होने के लिए कंपनी को कुछ अनिवार्य प्रोसीजरल कंप्लायंस पूरे करने होंगे।
आगे की चुनौतियां
कंपनी फिलहाल भारी कर्ज और लिक्विडिटी की समस्याओं से जूझ रही है। मैनेजमेंट का मुख्य फोकस अब लेंडर्स के साथ कर्ज निपटाने और ऑपरेशंस को स्थिर करने पर है। इसके अलावा, बोर्ड ने अजय भटनागर और राधाकृष्णन नायर भास्करन पिल्लई को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया है। निवेशकों को अब एक्सचेंज की तरफ से रिलिस्टिंग की आधिकारिक तारीख का इंतज़ार है।
