Gallantt Ispat ने Q2 FY27 के लिए **₹1,146 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो साल-दर-साल **13%** की ग्रोथ है। हालांकि, गोरखपुर प्लांट में तकनीकी खराबी और शटडाउन के चलते कंपनी के मार्जिन और मुनाफे पर दबाव देखा गया है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) इस तिमाही ₹61 करोड़ रहा। मार्जिन में गिरावट के पीछे मुख्य वजह गोरखपुर प्लांट का शटडाउन था। क्षमता विस्तार (1 मिलियन से 1.23 मिलियन टन) के दौरान टर्बाइन में आई समस्या ने बिजली खर्च बढ़ा दिया। साथ ही, कोयला और फ्रेट के ऊंचे दाम और फिनिश्ड गुड्स की कीमतों में तालमेल न बैठने से मुनाफा प्रभावित हुआ।
भविष्य की योजनाएं और ग्रोथ इंजन
मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि कठिन दौर अब पीछे छूट चुका है। कंपनी बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर जोर दे रही है:
- कोयला ब्लॉक: अगस्त 2026 में सिंगरौली में मिले कोल ब्लॉक से इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी।
- सोलर पावर: सिद्धार्थपुर और प्रयागराज में बन रहे सोलर प्रोजेक्ट्स से कंपनी को सालाना ₹30-40 करोड़ की बचत होने की उम्मीद है।
- कैपेक्स: कंपनी अपना ₹3,000 करोड़ का कैपेक्स प्रोग्राम पूरी तरह से इंटरनल अक्रूअल्स से फंड कर रही है और टर्म लोन के मामले में कंपनी डेट-फ्री बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों को अब गोरखपुर प्लांट की कैपेसिटी पर नजर रखनी चाहिए, जिसे दिसंबर 2026 तक 85-90% यूटिलाइजेशन तक ले जाने का लक्ष्य है। वित्त वर्ष की बाकी बची अवधि के लिए ₹500 करोड़ का अतिरिक्त कैपेक्स प्लान भी कंपनी की ग्रोथ स्टोरी का अहम हिस्सा है।
