Gallantt Ispat के Q2 नतीजे मिले-जुले रहे हैं। जहां कंपनी का रेवेन्यू **13.1%** बढ़कर **₹1,145.89 करोड़** पहुंच गया, वहीं बढ़ते खर्चों के कारण नेट प्रॉफिट **30.6%** घटकर **₹60.51 करोड़** रह गया है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने टॉप-लाइन (रेवेन्यू) में अच्छी ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन बॉटम-लाइन (मुनाफा) पर काफी दबाव दिखा है। कंपनी का कुल खर्च ₹1,080.87 करोड़ तक पहुंच गया है, जो रेवेन्यू की रफ्तार से कहीं ज्यादा तेज है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹87.23 करोड़ था, जो अब घटकर ₹60.51 करोड़ रह गया है।
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
इस तिमाही का EPS (अर्निंग पर शेयर) गिरकर ₹2.51 हो गया है, जो पिछले साल ₹3.62 था। स्टील की मांग तो बनी हुई है, लेकिन बढ़ते ऑपरेशनल कॉस्ट के कारण कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन सिकुड़ रहा है। यह स्थिति बताती है कि कंपनी फिलहाल अपनी बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों पर पूरी तरह शिफ्ट करने में संघर्ष कर रही है।
डिविडेंड और आगे की राह
हाल ही में कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹2 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड को मंजूरी दी है। अब निवेशकों की नजर मैनेजमेंट की उस कमेंट्री पर होगी, जिसमें वे रॉ-मटेरियल की बढ़ती कीमतों और उन्हें कम करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। यदि आने वाली तिमाहियों में भी खर्च इसी तरह बढ़ते रहे, तो यह शेयर के अर्निंग पोटेंशियल पर भारी पड़ सकता है।
