Gallantt Ispat Limited के निवेशकों के लिए खुशखबरी है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **20.8%** उछलकर **₹484.27 करोड़** पहुंच गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी अब नेट डेट-फ्री (Debt-free) हो गई है और भविष्य के लिए बड़े विस्तार की योजना बना रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
कंपनी ने FY26 के लिए शानदार आंकड़े पेश किए हैं। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 2.9% बढ़कर ₹4,418.92 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 9.3% की बढ़त के साथ ₹776.04 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी का EPS भी ₹16.61 से बढ़कर ₹20.07 पर पहुंच गया है। यह डेटा साफ दिखाता है कि रेवेन्यू के मुकाबले मुनाफे की ग्रोथ काफी बेहतर रही है।
₹3,000 करोड़ का मेगा एक्सपेंशन प्लान
कंपनी अगले बड़े दौर के निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है:
- ₹1,200 करोड़: स्टील प्रोडक्शन क्षमता को 1.0 मिलियन टन से बढ़ाकर 1.3 मिलियन टन करने पर खर्च होंगे।
- ₹1,500 करोड़: माइन डेवलपमेंट (Mine Development) के लिए आवंटित किए गए हैं।
- ₹300 करोड़: 78 MW के सोलर प्रोजेक्ट्स में लगाए जाएंगे, जिससे सालाना ₹30-40 करोड़ की बचत होने की उम्मीद है।
माइनिंग से बदलेगी इकोनॉमिक्स
Gallantt Ispat को उत्तर प्रदेश में दो बड़े आयरन ओर ब्लॉक्स के लिए 'प्रिफर्ड बिडर' चुना गया है। Bharhari और Sobna-Chakriya ब्लॉक्स से कुल 50.59 मिलियन टन के रिजर्व मिलने की संभावना है। मैनेजमेंट का मानना है कि खुद की खदानें होने से हर टन पर EBITDA में ₹2,000 तक का सुधार हो सकता है।
डिविडेंड और आगे की रणनीति
बोर्ड ने प्रति शेयर ₹2 के डिविडेंड की सिफारिश की है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 23 सितंबर, 2026 तय की गई है। कंपनी के प्रमोटर्स ने विस्तार के लिए फंड जुटाने हेतु अपना डिविडेंड क्लेम वॉलंटरी तौर पर छोड़ दिया है। निवेशकों को अब कंपनी के माइनिंग अप्रूवल्स और प्रोजेक्ट्स की कमीशनिंग पर नजर रखनी चाहिए।
