Gallantt Ispat ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **20.8%** बढ़कर **₹484.27 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही कंपनी पूरी तरह से डेट-फ्री बनी हुई है।
दमदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी ने मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में शानदार ग्रोथ दिखाई है। Gallantt Ispat का कुल रेवेन्यू ₹4,418.92 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि EBITDA 9.3% की बढ़त के साथ ₹776.04 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार होकर यह 17.56% हो गया है। इस परफॉर्मेंस से खुश होकर बोर्ड ने प्रति शेयर ₹2 का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
भविष्य की रणनीति और केपेक्स प्लान
कंपनी ने अपना फोकस बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर शिफ्ट कर दिया है। अपनी रॉ मटेरियल सप्लाई को सुरक्षित करने के लिए Gallantt Ispat ने ₹3,000 करोड़ का बड़ा केपेक्स प्रोग्राम तैयार किया है:
- ₹1,200 करोड़: स्टील कैपेसिटी को 1.3 मिलियन MTPA तक बढ़ाने के लिए।
- ₹1,500 करोड़: माइन डेवलपमेंट के लिए।
- ₹300 करोड़: गुजरात और उत्तर प्रदेश में 78 MW सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए।
इन निवेशों का लक्ष्य बिजली लागत में सालाना ₹30-40 करोड़ की बचत करना है।
रिस्क और निवेशकों के लिए वॉचलिस्ट
कंपनी के लिए सफलता का पैमाना समय पर प्रोजेक्ट पूरा करना है। माइनिंग और स्टील ऑपरेशंस का विस्तार एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें रेगुलेटरी मंजूरी की अहम भूमिका होगी। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में स्टील के दाम और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं।
निवेशकों को अब Bharhari और Sobna-Chakriya आयरन ओर ब्लॉक्स की प्रगति और सोलर एनर्जी से होने वाली बचत पर अपनी नजर रखनी चाहिए।
