Galaxy Surfactants ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू बढ़कर **₹5,248.28 करोड़** हो गया है, जो पिछले साल से **24%** ज्यादा है। हालांकि, नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) **₹304.91 करोड़** से घटकर **₹267.38 करोड़** रह गया है। कंपनी ने **₹22 प्रति शेयर** के फाइनल डिविडेंड का ऐलान भी किया है।
रेवेन्यू में इजाफा, पर प्रॉफिट पर दबाव
Galaxy Surfactants ने FY26 में ₹5,248.28 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹4,223.67 करोड़ की तुलना में काफी अच्छी बढ़ोतरी है। यह 24% का सालाना उछाल दिखाता है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹267.38 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹304.91 करोड़ से लगभग 12% कम है।
स्पेशियलिटी सेगमेंट का जलवा, परफॉर्मेंस सेगमेंट में चुनौती
कंपनी के नतीजों में स्पेशियलिटी केयर सेगमेंट का प्रदर्शन मजबूत रहा, जिसमें वॉल्यूम में 8.8% की वृद्धि देखी गई। यह बढ़ती मांग को दर्शाता है। हालांकि, परफॉर्मेंस सर्फेक्टेंट्स सेगमेंट में वॉल्यूम में 4.6% की गिरावट आई है। मैनेजमेंट का कहना है कि फीडस्टॉक की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्राहकों की तरफ से प्रॉडक्ट में बदलाव जैसे कारणों से प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।
मजबूत फाइनेंशियल पोजीशन और डिविडेंड
कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो 0.06 पर बना हुआ है, जो एक मजबूत फाइनेंशियल स्थिति और बेहतर कैपिटल मैनेजमेंट को दर्शाता है। इस मजबूत बैकग्राउंड को देखते हुए, बोर्ड ने निवेशकों को ₹22 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने का फैसला किया है।
आगे क्या?
बाजार की नजरें अब Galaxy Surfactants की कॉस्ट मैनेजमेंट, खासकर फीडस्टॉक की कीमतों को संभालने की क्षमता पर होंगी। स्पेशियलिटी प्रोडक्ट्स की तरफ कंपनी का झुकाव भविष्य में ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, जबकि परफॉर्मेंस सर्फेक्टेंट्स सेगमेंट से रिकवरी की उम्मीदें बनी हुई हैं। जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं और सप्लाई चेन में रुकावटें, खासकर मध्य पूर्व से जुड़ी, प्रमुख जोखिम बने हुए हैं।
