Galaxy Bearings ने Q2 FY27 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने पिछले साल के घाटे से उबरते हुए **₹1.49 करोड़** का नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि कंपनी पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध भी हटा दिए गए हैं।
मुनाफे में वापसी और राहत की खबर
कंपनी के लिए यह तिमाही दोहरी खुशखबरी लेकर आई है। जहां एक ओर वित्तीय प्रदर्शन में सुधार हुआ है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से चले आ रहे कानूनी अड़चन भी खत्म हो गई हैं। Q2 FY27 में कंपनी का कुल रेवेन्यू बढ़कर ₹23.09 करोड़ पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹15.10 करोड़ था। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹2.15 करोड़ का नुकसान हुआ था, जिससे उभरकर अब ₹1.49 करोड़ का मुनाफा दर्ज करना एक बड़ी उपलब्धि है।
अमेरिका के प्रतिबंध से मिली आजादी
कंपनी के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि अब वह U.S. Treasury की SDN लिस्ट से बाहर हो गई है। 30 जून, 2026 से Office of Foreign Assets Control (OFAC) ने कंपनी को क्लीन चिट दे दी है। इस फैसले के बाद अब कंपनी अमेरिकी संस्थाओं के साथ बिना किसी बाधा के लेन-देन और एक्सपोर्ट कर सकेगी।
आगे की राह
ऑपरेशनल मोर्चे पर भी मजबूती दिख रही है। 30 सितंबर, 2026 तक कंपनी की कुल एसेट्स (Assets) बढ़कर ₹154.10 करोड़ हो गई हैं, जो मार्च 2026 में ₹139.53 करोड़ थीं। हालांकि, कंपनी पर कर्ज का बोझ ₹20.59 करोड़ है, जिसे कैपिटल रिक्वायरमेंट्स के लिए बढ़ाया गया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि प्रतिबंध हटने के बाद कंपनी के एक्सपोर्ट वॉल्यूम में कितनी तेजी आती है और यह मुनाफे को भविष्य में कितना बनाए रख पाती है।
