Galaxy Bearings Limited के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹3.31 करोड़** पर आ गया है, जबकि टोटल इनकम में **34.7%** की भारी गिरावट देखी गई है। राहत की खबर यह है कि कंपनी अब US OFAC की सेंक्शंस लिस्ट से बाहर हो गई है।
मुनाफे में 76% की बड़ी गिरावट
कंपनी के हालिया सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, FY26 में फाइनेंशियल सेहत काफी कमजोर रही है। टोटल इनकम पिछले साल के ₹106.75 करोड़ से घटकर ₹69.68 करोड़ रह गई है। मुनाफे (PAT) का आंकड़ा जो पिछले साल ₹13.71 करोड़ था, वह अब गिरकर सिर्फ ₹3.31 करोड़ पर सिमट गया है। मैनेजमेंट ने खराब नतीजों के पीछे कमजोर डिमांड और मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा को मुख्य वजह बताया है।
अमेरिकी सेंक्शंस से आजादी
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर कंपनी का US OFAC की SDN लिस्ट से बाहर होना है। पिछले एक साल से यह पाबंदी कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस और विदेशी मुद्रा के लेनदेन में रुकावट बनी हुई थी। 30 जून, 2026 से यह बैन हट चुका है, जिससे अब कंपनी के एक्सपोर्ट और प्रोक्योरमेंट ऑपरेशन फिर से सामान्य होने की उम्मीद है।
डिविडेंड और आगे की राह
कैश को बचाने और ऑपरेशंस को स्थिर करने के लिए बोर्ड ने इस साल कोई डिविडेंड न देने का फैसला लिया है। साथ ही, कंपनी ने अपना रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट (RTA) बदलकर अब Alankit Assignments Limited को नियुक्त किया है। आगामी 36वीं AGM 22 सितंबर, 2026 को आयोजित की जाएगी, जिसमें भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी।
अब बाजार की नजरें इस बात पर हैं कि क्या पाबंदियां हटने के बाद कंपनी अपना खोया हुआ मार्केट शेयर दोबारा हासिल कर पाती है या नहीं।
