Galada Power & Telecommunication ने अपनी कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अब कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त (Debt-Free) हो गई है।
मुनाफे के पीछे का सच
कंपनी ने FY26 में ₹1,216 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो FY25 के ₹36 लाख के मुकाबले काफी ज्यादा है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह मुनाफा बिजनेस की कमाई से नहीं, बल्कि कंपनी की सिलवासा (Silvassa) स्थित संपत्तियों को बेचने से आया है। इस दौरान कंपनी का अर्निंग पर शेयर (EPS) बढ़कर ₹13.72 पर पहुंच गया है।
आगे की रणनीति
कंपनी ने कर्ज से तो आजादी पा ली है, लेकिन अभी उसका कोई कमर्शियल कामकाज नहीं चल रहा है। मैनेजमेंट अब हैदराबाद में टावर कंस्ट्रक्शन के लिए एक नई फैब्रिकेशन और गैल्वेनाइजिंग यूनिट लगाने की योजना बना रहा है। फिलहाल इसका विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार किया जा रहा है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
ऑडिटर्स M/s Brahmayya & Co. ने कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्थिति पर चिंता जताई है। इसका मुख्य कारण कंपनी की नेगेटिव नेटवर्थ और कामकाज का अभी ठप होना है। हालांकि कंपनी के पास ₹1,317 लाख की सेल्स और अन्य इनकम दर्ज हुई है, लेकिन कंपनी का असली रिवाइवल तब माना जाएगा जब हैदराबाद की नई यूनिट चालू हो जाएगी।
आगे क्या देखें?
निवेशकों की नजरें अब 30 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर होनी चाहिए, जहां हैदराबाद प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और नए कॉन्ट्रैक्ट्स पर स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
