Gabriel India के दमदार नतीजे: Q4 में मुनाफा 13% बढ़ा, डिविडेंड और JV का भी ऐलान
Gabriel India ने वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) के लिए अपने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 13.33% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। यह मुनाफा बढ़कर ₹61.25 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹54.05 करोड़ था। वहीं, कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही के लिए ₹66.50 करोड़ रहा।
मुख्य वित्तीय आंकड़े
वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही और पूरे साल के नतीजों में Gabriel India ने मजबूत ग्रोथ दिखाई है। Q4 FY2026 के लिए स्टैंडअलोन रेवेन्यू 19.33% बढ़कर ₹1,110.79 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹930.87 करोड़ था। इसी के चलते स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹54.05 करोड़ से बढ़कर ₹61.25 करोड़ हो गया।
पूरे वित्तीय वर्ष 2026 के लिए, स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹4,232.99 करोड़ रहा, जिसमें ₹243.21 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया। FY2026 के लिए कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹4,666.93 करोड़ तक पहुंच गया, और नेट प्रॉफिट ₹252.16 करोड़ रहा।
कंपनी के बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹3.10 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जिसका भुगतान 24 सितंबर, 2026 तक कर दिया जाएगा।
रणनीतिक विस्तार की पहल
कंपनी का यह मजबूत वित्तीय प्रदर्शन राजस्व और मुनाफे में Gabriel India की लगातार वृद्धि को दर्शाता है। प्रस्तावित डिविडेंड शेयरधारकों को सीधा रिटर्न प्रदान करेगा। इसके अलावा, कंपनी एक नए ज्वाइंट वेंचर (JV) और एक महत्वपूर्ण संपत्ति अधिग्रहण सहित रणनीतिक विस्तार पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।
ज्वाइंट वेंचर और संपत्ति विस्तार
अक्टूबर 2025 में, Gabriel India ने दक्षिण कोरिया की SK Enmove Co., Ltd. के साथ एक ज्वाइंट वेंचर (JV) बनाया। इस साझेदारी में Gabriel India की 49% हिस्सेदारी होगी और यह इंजन ऑयल, ई-फ्लूइड्स और इंडस्ट्रियल लुब्रिकेंट्स के निर्माण और मार्केटिंग पर ध्यान केंद्रित करेगी। इससे पहले, 1 अप्रैल, 2025 को, कंपनी ने MMAS से ₹52.14 करोड़ में संपत्ति का अधिग्रहण किया था, जिससे शॉक एब्जॉर्बर और स्ट्रट्स की निर्माण क्षमता में वृद्धि हुई है।
भविष्य का दृष्टिकोण और जोखिम
ये विकास स्वस्थ मांग वाले माहौल का संकेत देते हैं और इनसे Gabriel India के उत्पाद प्रस्तावों में विविधता आने तथा विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत होने की उम्मीद है। यह कंपनी को मौजूदा और नए बाजारों में भविष्य की वृद्धि के लिए तैयार करता है।
हालांकि, कंपनी ने 21 नवंबर, 2025 को लागू हुए नए लेबर कोड से संबंधित असाधारण वस्तुओं की रिपोर्ट दी है। इसके परिणामस्वरूप ₹13.35 करोड़ (स्टैंडअलोन) और ₹13.75 करोड़ (कंसॉलिडेटेड) का अतिरिक्त दायित्व उत्पन्न हुआ, जिसने साल के खर्चों को प्रभावित किया। इन नए कोडों का भविष्य की परिचालन लागतों पर पड़ने वाले पूर्ण प्रभाव पर बारीकी से नजर रखने की आवश्यकता होगी।
ट्रैक करने योग्य मुख्य मेट्रिक्स
निवेशक नए अधिग्रहित MMAS संपत्तियों के एकीकरण और SK Enmove ज्वाइंट वेंचर के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखेंगे। नए श्रम कानूनों से जुड़ी लागतों का प्रबंधन भी कंपनी के लिए आगे बढ़ने में एक महत्वपूर्ण कारक होगा।
