Gabriel India लिमिटेड के प्रमोटरों की कंपनी में हिस्सेदारी बढ़कर **63.55%** हो गई है। यह बड़ा बदलाव 22 मई, 2026 से प्रभावी एक कॉम्प्रिहेंसिव स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Composite Scheme of Arrangement) के बाद आया है, जिसमें अमलगमेशन (Amalgamation) और डीमर्जर (Demerger) शामिल था। इसके साथ ही, कंपनी का कुल पेड-अप कैपिटल (Paid-up Capital) भी बढ़ गया है।
कंपनी की शेयरधारिता में बड़ा उलटफेर
Gabriel India लिमिटेड ने हाल ही में एक बड़े कॉर्पोरेट पुनर्गठन को पूरा किया है। राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) मुंबई बेंच-I ने 11 मई, 2026 को इस स्कीम को मंजूरी दी थी। इस स्कीम के तहत, Anchemco India Private Limited का Asia Investments Private Limited के साथ अमलगमेशन हुआ, और फिर Asia Investments के ऑटोमोटिव अंडरटेकिंग (Automotive Undertaking) को Gabriel India लिमिटेड में डीमर्ज कर दिया गया।
प्रमोटरों की हिस्सेदारी में भारी इजाफा
इस पुनर्गठन का सबसे बड़ा असर शेयरधारकों पर पड़ा है। प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी पहले 55.03% थी, जो अब बढ़कर 63.55% हो गई है। इसका मतलब है कि अब कंपनी पर प्रमोटरों का नियंत्रण और मजबूत हो गया है।
इस प्रक्रिया में कंपनी का कुल पेड-अप कैपिटल भी 14,36,43,940 शेयरों से बढ़कर 17,72,30,023 शेयर हो गया है। प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों ने कुल 3,35,86,083 नए शेयर हासिल किए हैं, जो नई कंपनी की 18.95% हिस्सेदारी के बराबर है। यह शेयर एक एक्सचेंज रेशियो (Exchange Ratio) के तहत जारी किए गए, जिसमें डीमर्ज की गई कंपनी के शेयरधारकों को उनके हर 1000 इक्विटी शेयर (₹10 वाले) के बदले 1158 इक्विटी शेयर (₹1 वाले) मिले।
स्कीम की टाइमलाइन और आगे क्या
इस स्कीम के प्रभावी होने की तारीख 22 मई, 2026 है, जब इसे कंपनियों के रजिस्ट्रार (Registrar of Companies) के पास फॉर्म INC-28 के साथ फाइल किया गया। कंपनी अब इस नई पूंजी संरचना के साथ काम करेगी। निवेशकों को अब कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की रणनीतियों पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि यह पुनर्गठन स्वामित्व संरचना को दर्शाता है।
