गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) को वेस्ट बंगाल टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन से ₹45.02 करोड़ का एक बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी दो इलेक्ट्रिक फेरी बनाएगी, जिन्हें अगले 18 महीनों में डिलीवर करना होगा।
GRSE बनाएगी ₹45 करोड़ की दो इलेक्ट्रिक फेरी
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) ने घरेलू बाजार में एक बड़ा ऑर्डर हासिल किया है, जिसकी कुल वैल्यू ₹45.02 करोड़ है।
कंपनी वेस्ट बंगाल टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (WBTDCL) को 100-100 पैसेंजर क्षमता वाली दो इलेक्ट्रिक फेरी की सप्लाई करेगी।
क्यों है यह अहम?
यह कॉन्ट्रैक्ट GRSE के लिए ग्रीन मैरीटाइम ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में एक बड़ी एंट्री है। यह कंपनी को अगले 18 महीनों में रेवेन्यू देने वाला एक निश्चित प्रोजेक्ट प्रदान करता है।
क्या है पूरी कहानी?
GRSE एक प्रमुख भारतीय शिपबिल्डिंग कंपनी है, जो मुख्य रूप से भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए युद्धपोत और जहाजों का निर्माण करती है। इसके अलावा, यह अन्य सरकारी और व्यावसायिक ग्राहकों के लिए भी जहाजों का निर्माण करती है।
आगे क्या?
अब कंपनी इन इलेक्ट्रिक फेरी के डिजाइन, निर्माण और डिलीवरी पर ध्यान केंद्रित करेगी। इस ऑर्डर से GRSE के ऑर्डर बुक में एक नया सेगमेंट जुड़ गया है।
जोखिम क्या हैं?
प्रोजेक्ट को पूरा करने में देरी या लागत में बढ़ोतरी कंपनी के मुनाफे को प्रभावित कर सकती है।
भविष्य की राह
कंपनी के निवेशक 18 महीने की समय-सीमा के अनुसार GRSE के काम की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे। इलेक्ट्रिक फेरी या अन्य ग्रीन मरीन सेगमेंट में भविष्य में मिलने वाले कोई भी नए ऑर्डर महत्वपूर्ण होंगे।
