GRP Ltd ने शानदार Q2 FY27 नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी की आय में **30%** का उछाल आया है, जबकि नेट प्रॉफिट में **200%** से ज्यादा की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई है।
मुनाफे में छलांग और ऑपरेशनल एफिशिएंसी
कंपनी ने दूसरी तिमाही में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपना नेट प्रॉफिट ₹64 मिलियन (₹6.4 करोड़) तक पहुंचा दिया है। वहीं, कंपनी की कुल आय साल-दर-साल 30% बढ़कर ₹1,727 मिलियन (₹172.7 करोड़) रही। कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसका EBITDA 60% बढ़कर ₹182 मिलियन हो गया है, और मार्जिन में 199 बेसिस पॉइंट्स का सुधार देखा गया है।
बिजनेस मॉडल का नया बदलाव
हालांकि कच्चे माल (Raw Materials) की लागत बढ़ने से ग्रॉस मार्जिन 46% पर आ गया है (जो पिछले साल 51% था), लेकिन मैनेजमेंट की कॉस्ट-कंट्रोल स्ट्रैटेजी ने इसे कवर कर लिया है। कंपनी अब 'रीक्लेम रबर', 'पायरोलिसिस' और 'प्लास्टिक्स' के साथ एक इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल बना रही है, ताकि किसी एक बाजार के जोखिम को कम किया जा सके।
आगे की राह और चुनौतियां
कंपनी का 'Pyrova Energy' (पायरोलिसिस) सेगमेंट अब ऑपरेटिंग प्रॉफिट में आ चुका है, जिसे मार्च 2027 तक 45,000 टन की क्षमता तक ले जाने का लक्ष्य है। वहीं, प्लास्टिक बिजनेस ने पहली छमाही में 38% रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई है। निवेशकों को अब कंपनी के आगामी rCB (Recovered Carbon Black) प्लांट की कमीशनिंग पर नजर रखनी चाहिए, जो मौजूदा तिमाही के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, कच्चे माल की बढ़ती महंगाई और जियोपॉलिटिकल अस्थिरता अभी भी एक प्रमुख रिस्क फैक्टर बने हुए हैं।
