GRP Ltd ने FY26 के लिए अपने नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट दर्ज की है। कंपनी का मुनाफा घटकर **₹8.93 करोड़** रह गया, जो पिछले साल **₹37.86 करोड़** था। हालांकि, शेयरधारकों को **₹3.50** प्रति शेयर के डिविडेंड का तोहफा मिला है।
GRP Ltd: मुनाफे में बड़ी गिरावट, डिविडेंड का ऐलान
GRP Ltd ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹37.86 करोड़ की तुलना में इस साल घटकर सिर्फ ₹8.93 करोड़ रह गया है। यह 76% की बड़ी गिरावट है। वहीं, कंपनी की कुल आय (Total Income) में भी मामूली कमी आई है, जो FY26 में ₹531 करोड़ रही, जबकि FY25 में यह ₹538.52 करोड़ थी। इस मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी ने ₹3.50 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) की घोषणा की है।
गिरावट की वजहें क्या हैं?
कंपनी के मैनेजमेंट ने मुनाफे में आई इस भारी कमी के पीछे कई कारण बताए हैं। इनमें भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions), रबर कंपोजिट बिजनेस पर अमेरिकी टैरिफ (US tariffs) का असर और इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स सेगमेंट (Engineering Plastics segment) में आई सुस्ती शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी ने Q3 FY26 में अपने पॉलीमर कंपोजिट सेगमेंट (Polymer Composite segment) से व्यावसायिक अव्यवहार्यता (commercial unviability) के कारण बाहर निकलने का फैसला किया, जिससे ₹0.79 करोड़ का नुकसान हुआ।
पिछले साल का प्रदर्शन और वर्तमान स्थिति
FY2024-25 में GRP Ltd ने ₹37.86 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था और प्रति शेयर आय (EPS) ₹70.99 थी। उस समय कंपनी का डेट इक्विटी रेशियो (Debt Equity Ratio) 0.68 था। इस वित्तीय वर्ष में, प्रमुख वित्तीय मैट्रिक्स में गिरावट देखी गई है। EPS घटकर ₹16.74 रह गया है और डेट इक्विटी रेशियो बढ़कर 1.04 हो गया है, जो कंपनी पर बढ़े हुए कर्ज का संकेत देता है।
भविष्य की राह: नई एनर्जी पहल
GRP Ltd अपनी नई 'Pyrova Energy' नामक वेस्ट-टू-एनर्जी (waste-to-energy) प्लेटफॉर्म पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसे कंपनी ने सफलतापूर्वक कमर्शियलाइज किया है। इस वेंचर में भारत का सबसे बड़ा सिंगल-लाइन कंटीन्यूअस पाइरोलिसिस रिएक्टर (continuous pyrolysis reactor) लगा है। इस प्रोजेक्ट को सपोर्ट करने के लिए कंपनी ने EUR 12 मिलियन तक के एक्सटर्नल कमर्शियल बरोइंग्स (ECB) भी हासिल किए हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को कंपनी की क्षमता उपयोग (capacity utilization), खासकर GRP Circular Solutions Ltd (GCSL) में, जिस पर नजर रखनी होगी, क्योंकि यह वर्तमान में इष्टतम स्तर से नीचे काम कर रहा है। एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) पॉलिसी से जुड़ी रेगुलेटरी अनिश्चितताएं (regulatory uncertainties) और प्लास्टिक पोर्टल में देरी भी जोखिम पैदा करती हैं। मुनाफे में लगातार गिरावट मार्जिन पर दबाव को दर्शाती है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक मार्जिन में सुधार और क्षमता उपयोग में वृद्धि के संकेतों की तलाश करेंगे। सहायक कंपनियों के संचालन का सफल विस्तार और Pyrova Energy प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा। बाजार की अस्थिरता और रेगुलेटरी बदलावों से निपटने में मैनेजमेंट की क्षमता भी अहम साबित होगी।
