GPT Infraprojects ने FY27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 3.4% गिरकर ₹302 करोड़ पर आ गया। हालांकि, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹24.6 करोड़ हो गया, और EBITDA में भी शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रेवेन्यू में गिरावट की वजह?
कंपनी ने बताया कि पहली तिमाही में रेवेन्यू में आई यह कमी मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में चुनावों के कारण आई अस्थायी लेबर (श्रमिक) की उपलब्धता की समस्या के चलते हुई। इस वजह से स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 9% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹282 करोड़ पर आ गया।
मुनाफे और EBITDA में बढ़त
रेवेन्यू में गिरावट के बावजूद, GPT Infraprojects का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹23.5 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹24.6 करोड़ पर पहुंच गया। कंसोलिडेटेड EBITDA भी 28.4% बढ़कर ₹47.5 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि EBITDA मार्जिन 15.7% रहा। यह बढ़तोरी खासकर सिग्नलिंग और अफ्रीकी बिजनेस सेगमेंट से आई है, जो कंपनी की अंदरूनी मजबूती को दर्शाता है।
आगे क्या?
कंपनी का मैनेजमेंट वित्त वर्ष 2027 के लिए 30% रेवेन्यू ग्रोथ के लक्ष्य को लेकर आश्वस्त है। इसके लिए, दूसरी से चौथी तिमाही तक कंपनी को औसतन ₹1,400 करोड़ का एग्जीक्यूशन हासिल करना होगा। Alcon की सिग्नलिंग विशेषज्ञता का एकीकरण (Integration) और पावर ईपीसी (EPC) में विस्तार कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी और डाइवर्सिफिकेशन को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम साबित होंगे।
ऑर्डर बुक मजबूत
कंपनी के पास ₹4,303 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक है, जो आने वाले समय में रेवेन्यू ग्रोथ की अच्छी उम्मीद जगाता है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY27 के लिए EBITDA मार्जिन 14-15% के बीच रहेगा।
जोखिम
निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी बाकी की तिमाहियों में अपने महत्वाकांक्षी रेवेन्यू लक्ष्य को हासिल कर पाती है या नहीं। इसके अलावा, किसी भी तरह की अतिरिक्त ऑपरेशनल रुकावटें और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा भी कुछ जोखिम पैदा कर सकती हैं।
