GP Petroleums ने Incubit DMCC के साथ एक एक्सक्लूसिविटी एग्रीमेंट साइन किया है। कंपनी भारत, यूएई, मॉरीशस और पूर्वी अफ्रीका में एसेट अधिग्रहण की संभावनाओं को तलाशेगी।
'प्रोजेक्ट पेट्रोलियम' पर काम शुरू
GP Petroleums लिमिटेड ने 'प्रोजेक्ट पेट्रोलियम' के तहत Incubit DMCC के साथ एक एक्सक्लूसिविटी करार किया है। इस डील के लिए कंपनी ने $1,00,000 (करीब 1 लाख डॉलर) की एक्सक्लूसिविटी फीस का भुगतान किया है। इस समझौते के जरिए कंपनी को अगले 4 महीने तक उन एसेट्स की जांच-पड़ताल करने का विशेष अधिकार मिल गया है। अगर सौदा पक्का होता है, तो यह फीस अंतिम ट्रांजेक्शन प्राइस में एडजस्ट कर दी जाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
यह समझौता GP Petroleums को अगले 4 महीने के लिए बिना किसी प्रतिस्पर्धी बोली के अपने ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) की प्रक्रिया पूरी करने का समय देता है। हालांकि, यह कदम अभी प्रारंभिक (Preliminary) है और इसे पूरा करने के लिए कंपनी बाध्य नहीं है।
रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन पर नजर
निवेशकों के लिए इस डील में 'रिलेटेड-पार्टी' एंगल को समझना जरूरी है। श्री हर्षवर्धन सिन्हा, जो कंपनी के निदेशक हैं, का Incubit DMCC और Incubit Energy Singapore Pte. Ltd. दोनों से सीधा संबंध है। बता दें कि Incubit Energy Singapore Pte. Ltd. की GP Petroleums में 13.89% हिस्सेदारी है। इस साझा होल्डिंग के कारण, कंपनी के वैल्यूएशन और अप्रूवल प्रोसेस में पारदर्शिता पर मार्केट की नजर बनी रहेगी।
आगे क्या होगा?
अभी यह एक नॉन-बाइंडिंग (Non-binding) एग्रीमेंट है, यानी डील फाइनल होने की कोई गारंटी नहीं है। भविष्य में ड्यू डिलिजेंस के नतीजे, रेगुलेटरी मंजूरियों और फाइनल एग्रीमेंट को लेकर BSE फाइलिंग पर निवेशकों को कड़ी नजर रखनी चाहिए।
