GMM Pfaudler ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **18%** बढ़कर **₹1,064 करोड़** रहा, जबकि नेट प्रॉफिट **6.8%** घटकर **₹35.13 करोड़** पर आ गया है। साथ ही, अंकित नय्यर को कंपनी का नया ग्रुप CFO नियुक्त किया गया है।
मुनाफे पर दबाव के बीच रेवेन्यू में दम
कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के जो नतीजे पेश किए हैं, वे मिली-जुली तस्वीर दिखा रहे हैं। एक तरफ जहां कंपनी का रेवेन्यू ₹1,064.62 करोड़ तक पहुंच गया है, वहीं दूसरी तरफ मुनाफे में कमी देखने को मिली है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने ₹37.68 करोड़ का प्रॉफिट कमाया था, जो अब घटकर ₹35.13 करोड़ रह गया है। नतीजतन, बेसिक EPS (अर्निंग्स पर शेयर) भी 16.5% गिरकर 7.40 पर आ गया है।
क्यों घटे मुनाफे?
टॉपलाइन यानी रेवेन्यू में यह बढ़ोतरी इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट की मजबूत मांग को दर्शाती है। हालांकि, बढ़ती कमाई के बावजूद मुनाफे में गिरावट यह संकेत देती है कि कंपनी के ऑपरेशनल खर्च बढ़ रहे हैं या प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव आया है। निवेशकों की नजरें अब मैनेजमेंट की कमेंट्री पर टिकी हैं कि इन इनपुट कॉस्ट का मार्जिन पर क्या असर पड़ा है।
मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव
फाइनेंस डिपार्टमेंट में बड़ी हलचल देखने को मिली है। बोर्ड ने अंकित नय्यर (Ankit Nayyar) को नया ग्रुप चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त करने की मंजूरी दी है। वे एलेक्जेंडर पोएम्पनेर (Alexander Poempner) की जगह लेंगे, जिन्होंने निजी कारणों से पद छोड़ने का अनुरोध किया था। यह बदलाव 4 नवंबर, 2026 से प्रभावी हो गया है।
अब आगे क्या देखें?
शेयरहोल्डर्स के लिए अब यह देखना अहम होगा कि नए CFO खर्चों को कम करने और प्रॉफिट मार्जिन को सुधारने के लिए क्या रणनीति अपनाते हैं। कंपनी की हाफ-ईयरली परफॉर्मेंस को देखें तो रेवेन्यू ₹1,989.38 करोड़ रहा है, अब सारा दारोमदार फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही पर है कि क्या कंपनी बेहतर मुनाफा दर्ज कर पाती है या नहीं।
